Edition

रास गरबा भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अहम हिस्सा : स्वप्निल तिवारी

अंजलि विहार कॉलोनी में गरबा प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत

पिथौरा।

पिथौरा-लहरौद स्थित अंजलि विहार कॉलोनी में शारदीय नवरात्र के अष्टमी पर्व पर आयोजित रास गरबा प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार संघ महासमुंद के जिला अध्यक्ष स्वप्निल तिवारी सहित अनेक अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष मनोहर साहू, परमित सिंह, निशु माटा, विजय गुप्ता, नंदकिशोर अग्रवाल, राजेश बंसल, पूर्व पार्षद रविंदर आज़मानी, दिनेश गोयल, राजा बाबू उपाध्याय, रमेश श्रीवास्तव, कुलजीत आज़मानी, प्रमोद सिंहा एवं प्रशांत पाण्डेय उपस्थित रहे। अतिथियों ने गरबा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया। साथ ही उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल के बीच गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालुओं ने माता रानी की आराधना करते हुए सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

अपने संबोधन में स्वप्निल तिवारी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं की आस्था धर्म और संस्कृति के प्रति बढ़ रही है। शारदीय नवरात्र केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति, भक्ति, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। मां दुर्गा की आराधना हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने, सत्य के मार्ग पर चलने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देती है। नवरात्र का प्रत्येक दिन नारी शक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को याद रखने का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि रास गरबा हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ ही आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाते हैं। वर्तमान समय में युवाओं का धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ना एक सकारात्मक संकेत है। जब युवा अपनी परंपराओं और संस्कारों को समझते हैं, तब समाज में सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिलता है।

आयोजन समिति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अंजलि विहार कॉलोनी में इस तरह के कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला और कौशल प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। गरबा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागी बधाई के पात्र हैं। प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त करना निश्चित रूप से प्रसन्नता का विषय है, लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण प्रतिभागियों का उत्साह, अनुशासन, समर्पण और सहभागिता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

स्वप्निल तिवारी ने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप हमें साहस, शक्ति, करुणा और धर्म की रक्षा का संदेश देते हैं। हमें इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, महिलाओं का सम्मान करने तथा समाज में संस्कारों और सकारात्मक विचारों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। धार्मिक आयोजन तभी सार्थक होते हैं, जब उनसे प्राप्त प्रेरणा हमारे व्यवहार और सामाजिक जीवन में भी दिखाई देती है।

कार्यक्रम में संरक्षक आत्माराम यादव, समिति के अध्यक्ष पुनीत सिन्हा, गुरुचरण सलूजा, गौतम साहू, यू के दास, रोहिणी देवांगन, आर के मने, नरेंद्र सेन, मोनू अग्रवाल, राजेश भोई, मुन्ना भोई, आकाश सिंहा, कुलजीत आज़मानी, अमरकांत मिश्रा, दिनेश कालसा, बिट्टू सलूजा, यश बिसेन, मिंकू आज़मानी एवं मनीष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कॉलोनीवासी उपस्थित रहे।

विज्ञापन
pithorawale
Author: pithorawale

विज्ञापन

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!