मध्यान्ह भोजन रसोईया महासंघ के आंदोलन को मिला कांग्रेस का भारी समर्थन; पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने धरना स्थल पहुंचकर बुलंद की रसोइयों की आवाज
कलेक्टर दर पर मानदेय देने और नियमितीकरण की मांगों को डॉ. रश्मि चंद्राकर ने बताया जायज।
कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने धरना स्थल पर पहुंचकर रसोइयों की लड़ाई में साथ देने का दिया भरोसा।
महासमुंद। अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत जिला रसोईया महासंघ के धरने को आज उस वक्त बड़ा बल मिला, जब जिला कांग्रेस कमेटी महासमुंद की पूर्व अध्यक्ष एवं विधानसभा क्षेत्र महासमुंद (2023) की कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. रश्मि चंद्राकर ने अपने सहयोगियों के साथ धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
धरना स्थल पर उपस्थित रसोईयों को संबोधित करते हुए डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को भरपेट भोजन कराने वाले रसोईया भाई-बहनों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के महंगाई के दौर में बेहद कम मानदेय पर काम करना रसोईयों के साथ अन्याय है। रसोईया महासंघ की कलेक्टर दर पर मानदेय देने, पूर्णकालीन रोजगार करने और छंटनी रोकने की मांगें पूरी तरह से जायज हैं और कांग्रेस पार्टी इस हक की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
डॉ. रश्मि चंद्राकर के साथ कांग्रेस नेताओं के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने भी रसोईयों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुना। आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे नेताओं में मुख्य रूप से:
* गुरमीत चावला (शहर अध्यक्ष)
* निर्मल जैन (शहर महामंत्री)
* सोमेश दवे (जिला महामंत्री)
* सोनम रामटेके (शहर अध्यक्ष, महिला कांग्रेस)
लीलू साहू (वरिष्ठ कांग्रेस नेता) शामिल रहे।
सभी नेताओं ने एक स्वर में रसोईयों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से उनकी जायज मांगों पर तुरंत सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की। मध्यान्ह भोजन रसोईया महासंघ की ओर से संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती नीलू ओगरे ने कांग्रेस नेताओं के इस समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया और मांगें पूरी होने तक अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।




















