बलौदाबाजार, 24 अप्रैल 2026
जिला प्रशासन की मुस्तैदी और महिला एवं बाल विकास विभाग की सतर्कता से बलौदाबाजार-भाटापारा क्षेत्र में तीन नाबालिगों का जीवन प्रभावित होने से बच गया। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में अक्षय तृतीया के विशेष अभियान के दौरान टीम ने पलारी और भाटापारा क्षेत्रों का सघन दौरा किया, जहाँ तीन अलग-अलग स्थानों पर कानूनन उम्र से कम में हो रहे विवाहों को सफलतापूर्वक रोका गया।
जांच में मिले नाबालिग जोड़े
जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा चलाए गए दो दिवसीय महाअभियान के तहत 75 से अधिक घरों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान भाटापारा विकासखंड के एक परिवार में दो शादियां हो रही थीं, जहाँ जांच में वधू की उम्र 17 वर्ष 6 माह और वर की उम्र 19 वर्ष 7 माह पाई गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी परिणामों की जानकारी दी और सही उम्र होने पर ही विवाह करने की हिदायत दी।
काउंसलिंग से बदली परिजनों की सोच
एक अन्य मामला भाटापारा नगर पालिका क्षेत्र का है, जहाँ 17 वर्ष 10 माह की बालिका का विवाह तय किया गया था। वार्ड पार्षद की मौजूदगी में टीम ने परिजनों को बताया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर क्या बुरा असर पड़ता है। परिजनों ने अपनी अज्ञानता स्वीकार करते हुए प्रशासन का आभार व्यक्त किया और शादी रोकने का निर्णय लिया।
अपील: प्रशासन ने आम जनता से आग्रह किया है कि जिले को ‘बाल विवाह मुक्त’ बनाने में सहयोग करें। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें।



















