रायपुर | 25 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार की ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ एक जन-आंदोलन का रूप ले रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल प्रदेश के घरों को जगमग कर रही है, बल्कि आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें ‘बिजली उपभोक्ता’ से ‘बिजली उत्पादक’ की श्रेणी में खड़ा कर रही है। अब प्रदेशवासी भारी बिजली बिलों की चिंता छोड़ खुद की बनाई स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं।
सफलता की कहानी: शिशिर सरकार ने पेश की मिसाल
सरगुजा संभाग के अंबिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भगवानपुर के निवासी श्री शिशिर सरकार इस योजना के बड़े लाभार्थी बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपनी छत का सदुपयोग करते हुए 3 किलोवाट का सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया है, जिससे उनके घर की ऊर्जा संबंधी जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं।
डबल सब्सिडी का मिला बड़ा सहारा
योजना की लोकप्रियता का मुख्य कारण केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली दोहरी सब्सिडी है। श्री शिशिर ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि:
• उन्हें भारत सरकार की ओर से ₹78,000 की सीधी सब्सिडी प्राप्त हुई।
• इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹30,000 का विशेष अनुदान भी प्रक्रियाधीन है।
इतनी बड़ी आर्थिक मदद ने सोलर सिस्टम लगवाने के शुरुआती खर्च को बहुत कम कर दिया है।
₹11,000 के भारी बिल से मिला छुटकारा
शिशिर सरकार ने बताया कि सोलर सिस्टम अपनाने से पहले उन्हें हर महीने ₹8,000 से ₹11,000 तक का बिजली बिल चुकाना पड़ता था, जो घर के बजट पर भारी पड़ता था। अब सौर ऊर्जा के कारण उनका बिल नगण्य (न्यूनतम) हो गया है। उन्होंने इस पारदर्शी और हितकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष आभार जताया है।
पर्यावरण और जेब दोनों सुरक्षित
सौर ऊर्जा न केवल पैसे बचा रही है, बल्कि यह प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का सबसे बेहतरीन विकल्प भी है। छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों से राज्य में ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक खुशहाली का नया दौर शुरू हो चुका है।



















