मिथुन राशि में बुध का गोचर: गुरु और शुक्र के साथ बनेगी दुर्लभ ‘त्रियुति’, जानें १२ राशियों पर इसका महाप्रभाव और अचूक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर का बहुत बड़ा महत्व है। बुद्धि, संवाद, व्यापार और तर्क के कारक बुध देव अपनी स्वयं की राशि मिथुन (Gemini) में गोचर करने जा रहे हैं। मिथुन राशि में देवताओं के गुरु बृहस्पति (Jupiter) और सुख-वैभव के दाता शुक्र (Venus) पहले से ही विराजमान हैं।
इस प्रकार मिथुन राशि में बुध, बृहस्पति और शुक्र की त्रियुति (त्रिग्रही योग) बन रही है। यह एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग है, क्योंकि इसमें दो परम शुभ ग्रह (गुरु और शुक्र) और खुद राशिपति बुध एक साथ मिल रहे हैं। इसे ज्योतिष में ‘लक्ष्मी नारायण योग’ और ‘सरस्वती योग’ का सुंदर मिश्रण माना जा सकता है, जो ज्ञान, बुद्धि और धन का अद्भुत प्रवाह लाएगा।
आइए जानते हैं कि इस त्रिग्रही गोचर का सभी १२ राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इसके लिए क्या उपाय करने चाहिए।
द्वादश राशियों पर गोचर का विस्तृत प्रभाव
1. मेष राशि (Aries)
बुध का गोचर आपके तृतीय (पराक्रम) भाव में होगा। गुरु और शुक्र के साथ होने से आपके साहस और संचार कौशल में जबरदस्त वृद्धि होगी।
क्या करें: कार्यक्षेत्र में नए विचार साझा करें। भाई-बहनों से संबंध सुधारें। लघु यात्राओं से लाभ उठाएं।
क्या न करें: अति-उत्साह में आकर किसी को कड़वी बात न कहें।
2. वृषभ राशि (Taurus)
यह गोचर आपके द्वितीय (धन) भाव में हो रहा है। आपके राशि स्वामी शुक्र के साथ बुध की युति आर्थिक रूप से बेहद लाभदायक रहेगी। वाणी में मिठास आएगी।
क्या करें: निवेश की योजना बनाएं। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों को सुलझाएं।
क्या न करें: परिवार के सदस्यों के साथ पैसों के मामले में पारदर्शिता रखें, अहंकार से बचें।
3. मिथुन राशि (Gemini)
आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में यह त्रिग्रही योग बन रहा है। आपकी बुद्धि, व्यक्तित्व और निर्णय क्षमता का विकास होगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
क्या करें: नई चीजें सीखें, अपनी सेहत पर ध्यान दें और गुरुओं का आशीर्वाद लें।
क्या न करें: एक साथ कई कामों में हाथ न डालें (Multitasking से बचें), भ्रमित होने से बचें।
4. कर्क राशि (Cancer)
बुध का गोचर आपके द्वादश (१२वें/व्यय) भाव में होगा। खर्चों में वृद्धि हो सकती है, लेकिन विदेश से जुड़े कार्यों या आध्यात्मिक यात्राओं से लाभ होगा।
क्या करें: बजट बनाकर चलें। योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें।
क्या न करें: कोर्ट-कचहरी के मामलों या वाद-विवाद से दूर रहें। कर्ज लेने से बचें।
5. सिंह राशि (Leo)
यह गोचर आपके एकादश (११वें/आय) भाव में हो रहा है। यह समय आपकी इच्छाओं की पूर्ति और धन लाभ के लिए सर्वोत्तम है। बड़े भाइयों और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
क्या करें: नेटवर्क का विस्तार करें। व्यापार में नए निवेश के अवसरों का लाभ उठाएं।
क्या न करें: दोस्तों के साथ बातचीत में अहंकार या तल्खी न लाएं।
6. कन्या राशि (Virgo)
आपकी राशि के स्वामी बुध दशम (कर्म) भाव में गोचर करेंगे। नौकरी और व्यवसाय में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। उच्च अधिकारियों से प्रशंसा मिलेगी।
क्या करें: कार्यस्थल पर अपनी कार्यकुशलता दिखाएं। नई जिम्मेदारी स्वीकार करें।
क्या न करें: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों की पीठ पीछे बुराई या राजनीति करने से बचें।
7. तुला राशि (Libra)
बुध का गोचर आपके नवम (भाग्य) भाव में होगा। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा या धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। गुरु और शुक्र का साथ आपके मान-सम्मान को बढ़ाएगा।
क्या करें: पिता और गुरुजनों की सेवा करें। लंबी दूरी की यात्राओं की योजना बनाएं।
क्या न करें: भाग्य के भरोसे बैठकर मेहनत करना न छोड़ें।
8. वृश्चिक राशि (Scorpio)
यह गोचर आपके अष्टम (आयु/गुप्त धन) भाव में हो रहा है। शोध, ज्योतिष या गुप्त विद्याओं में रुचि बढ़ेगी। अचानक धन लाभ या पैतृक धन मिलने के योग हैं।
क्या करें: अपनी सेहत (विशेषकर पेट और त्वचा) का ध्यान रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें।
क्या न करें: किसी भी तरह के अनैतिक कार्य या सट्टेबाजी से पूरी तरह दूर रहें।
9. धनु राशि (Sagittarius)
बुध का गोचर आपके सप्तम (विवाह/साझेदारी) भाव में होगा। आपके राशि स्वामी गुरु भी यहीं हैं। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी और व्यापारिक साझेदारी से बड़ा लाभ होगा।
क्या करें: जीवनसाथी के साथ समय बिताएं और उनके विचारों का सम्मान करें। नए अनुबंध (Contracts) साइन कर सकते हैं।
क्या न करें: पार्टनर पर अपनी मर्जी थोपने की कोशिश न करें।
10. मकर राशि (Capricorn)
यह गोचर आपके षष्ठ (छठे/रोग, ऋण, शत्रु) भाव में होगा। कोर्ट-कचहरी या कंपटीशन में सफलता मिलेगी। हालांकि, सेहत को लेकर थोड़ा सतर्क रहना होगा।
क्या करें: अपने खान-पान में सुधार करें। शत्रुओं से सावधान रहें और सूझबूझ से काम लें।
क्या न करें: बिना सोचे-समझे किसी को पैसा उधार न दें।
11. कुंभ राशि (Aquarius)
बुध का गोचर आपके पंचम (बुद्धि/संतान/प्रेम) भाव में होगा। छात्रों के लिए यह समय स्वर्ण काल जैसा है। रचनात्मकता (Creativity) चरम पर होगी।
क्या करें: अपनी हॉबी या किसी नए कोर्स में दाखिला लें। प्रेम संबंधों में स्पष्टता रखें।
क्या न करें: शेयर मार्केट में बिना सोचे-समझे बड़ा जोखिम न लें।
12. मीन राशि (Pisces)
यह गोचर आपके चतुर्थ (सुख/माता/वाहन) भाव में हो रहा है। आपके राशि स्वामी गुरु के प्रभाव से घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा। नया वाहन या मकान खरीदने के योग बनेंगे।
क्या करें: माता की सेवा करें और उनका आशीर्वाद लें। घर के रेनोवेशन पर विचार कर सकते हैं।
क्या न करें: पारिवारिक मामलों में बाहरी लोगों को हस्तक्षेप न करने दें।
इस त्रिग्रही गोचर के दौरान ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ (सामान्य नियम)
क्या करें (Do’s) / क्या न करें (Don’ts)
प्रतिदिन भगवान गणेश और मां सरस्वती की आराधना करें।
किसी भी महिला, शिक्षक या बहन-बुआ का अपमान न करें।
अपनी वाणी और संचार कौशल (Communication) को बेहतर करें।
बिना सोचे-समझे या बिना कागजात पढ़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें।
निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों या सलाहकारों की मदद लें।
अहंकार में आकर दूसरों की बुद्धि या ज्ञान को कमतर न आंकें।
पक्षियों को दाना और गाय को हरी घास खिलाएं।
अपनी योजनाओं को समय से पहले दूसरों के सामने उजागर न करें।
अचूक ज्योतिषीय उपाय
चूंकि मिथुन राशि में बुध, गुरु और शुक्र की युति है, इसलिए इन तीनों ग्रहों को बलवान और शुभ बनाने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:
बुध के लिए: प्रत्येक बुधवार को भगवान गणेश को दुर्वा (दूब घास) अर्पित करें और ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करें। हरी मूंग की दाल का दान करें।
बृहस्पति (गुरु) के लिए: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। केले के वृक्ष की पूजा करें।
शुक्र के लिए: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई का भोग लगाएं। छोटी कन्याओं को खीर या मिश्री खिलाएं।
विशेष त्रिग्रही उपाय: घर के ईशान कोण (North-East) को साफ-सुथरा रखें और वहां एक कपूर का दीपक नियमित रूप से जलाएं। इससे ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
पं. गिरीश पाण्डेय
एस्ट्रो-गुरू, भागवत-व्यास
एस्ट्रो- सेज पैनल -मेंबर
सचिव पुरोहित मंच
ज़िला- महासमुन्द छ.ग.
संपर्क सूत्र – +91 7000217167
संकट मोचन मंदिर
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