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हाईटेक तकनीक NAFIS से लैस हुई पुलिस, फिंगरप्रिंट से अपराध का होगा पर्दाफाश, अपराध सिद्ध करने में मिलेगी पुलिस को मदद

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हाईटेक तकनीक NAFIS से लैस हुई पुलिस, फिंगरप्रिंट से अपराध का होगा पर्दाफाश, अपराध सिद्ध करने में मिलेगी पुलिस को मदद

 

अपराध स्थल पर उंगलियों के निशान सबसे पुख्ता सबूत, विशेषज्ञों ने ‘चांस प्रिंट’ (अदृश्य या आंशिक फिंगरप्रिंट) को सुरक्षित करने की तकनीकों की दी जानकारी

 

क्राईम इन्वेस्टिगेशन में तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

 

⚫*क्राइम इन्वेस्टिगेशन एवं क्रिमिनल को पकड़ने में फिंगर प्रिंट का महत्व एवं उपयोगिता की फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ द्वारा दी गई जानकारी।*

 

⚫*जिले के सभी थाना चौकी में पदस्थ 45 पुलिस कर्मियों को फिंगर प्रिंट किट का उपयोग करना, प्रशिक्षण स्थल में ही डेमो के माध्यम से सिखाया गया।*

 

महासमुन्द। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एक दिवसीय फिंगरप्रिंट से संबंधित कार्यशाला आयोजित की गई।अपराध की जांच में घटनास्थल पर छूटे उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट) अपराधी को सजा दिलाने में सबसे निर्णायक साबित होते हैं। इसके महत्व और उपयोगिता को बताते हुए ,फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ श्री राकेश नरवरे(उप पुलिस अधीक्षक) द्वारा ‘चांस प्रिंट’ (अदृश्य या आंशिक फिंगरप्रिंट) को सुरक्षित करने की तकनीकों की जानकारी दी गई ताकि इन्हें अदालत में मजबूत साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सके। विशेषज्ञ के अनुसार, जिन मामलों में प्रत्यक्षदर्शी, सीसीटीवी फुटेज या तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं होते, वहां फिंगरप्रिंट ही आरोपी को सीधे अपराध स्थल से जोड़ने वाला एकमात्र अचूक और विज्ञान प्रमाणित जरिया बनता है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले से सभी थाना चैाकी से आरक्षक से लेकर सहायक उप निरीक्षक स्तर तक के 45 चयनित पुलिस अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए। रेंज फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट श्री राकेश नरवरे द्वारा ‘चांस प्रिंट’ (अदृश्य या आंशिक फिंगरप्रिंट) को सुरक्षित करने की तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञ के अनुसार ‘राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली’ (NAFIS) एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसमें देशभर के अपराधियों के फिंगरप्रिंट का केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार किया गया है।

अब अपराध स्थल से मिले फिंगरप्रिंट को इस सिस्टम में अपलोड करते ही राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड से उसका मिलान हो जाता है। इस प्रणाली से दूसरे राज्यों में छिपे अपराधियों और अंतरराज्यीय गिरोहों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिलेगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जिस फिंगरप्रिंट मिलान में पहले कई दिन या हफ्ते लगते थे, वह अब महज कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है। कई बार लापरवाही के कारण महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट नष्ट हो जाते हैं। कार्यशाला में पुलिस कर्मचारियों को सतहों से फिंगरप्रिंट लिफ्ट करने, उन्हें संरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से दस्तावेजीकृत करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि अपराधियों तक तेजी से पहुंचा जा सके एवं उनका अपराध प्रमाणित रूप से सिद्ध किया जा सके।

जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित एक दिवसीय फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के थाना और चौकियों से 45 चयनित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। *इस कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस विवेचना को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की क्षमता को बढ़ाना है।*

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Pithora wale
Author: Pithora wale

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