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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस, भाजपा कार्यकर्ताओ ने दी श्रद्धांजलि : प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा पुष्पलता चौहान बोले – देश का विभाजन ऐतिहासिक भूल, भारत की एकता-अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी का बलिदान अविस्मरणीय डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी जी का जीवन राष्ट्रभक्ति और त्याग की प्रेरक मिसाल है : श्रीमती पुष्पलता चौहान

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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस, भाजपा कार्यकर्ताओ ने दी श्रद्धांजलि : प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा पुष्पलता चौहान बोले – देश का विभाजन ऐतिहासिक भूल, भारत की एकता-अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी का बलिदान अविस्मरणीय

डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी जी का जीवन राष्ट्रभक्ति और त्याग की प्रेरक मिसाल है : श्रीमती पुष्पलता चौहान

महासमुंद/सरायपाली :- भारतीय जनता पार्टी के प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा छुईपाली मंडल द्वारा बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया । डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उनके छाया चित्र पर पुष्प एवं माल्यार्पण कर उनके पुण्यतिथि के रूप में मनाया गया । इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती पुष्पलता चौहान व अन्य भाजपा कार्यकर्ताओ ने उनके छायाचित्र पर श्रद्वासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा ली। साथ ही राष्ट्र व समाज सेवा में प्रत्येक व्यक्ति द्वारा ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करने के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से प्रेरणा लेते हुए कार्य करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया। केंद्र सरकार द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों के कार्यकाल में सेवा, सुशासन व जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताते हुए सभी कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। कार्यक्रम में श्रीमती पुष्पलता चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक प्रखर राष्ट्रवादी और जनसंघ के संस्थापक के रूप में हमारे देश में एक संविधान एक विधान और एक निशान का समर्थन आजीवन करते रहे। उनके बताए हुए मार्ग पर हम सभी चलकर भाजपा संगठन को और अधिक मजबूत बनाएं। उन्होंने बताया कि श्यामाप्रसाद मुखर्जी का बलिदान 23 जून 1953 को कश्मीर की जेल में हुआ था। इसलिए हर साल उनका बलिदान दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। आजादी के बाद भी कश्मीर में जाने की इजाजत नहीं थी, उसके लिए परमिट लेना पड़ता था। तब की केंद्र और जम्मू कश्मीर की सरकार के बीच इस तरह का करार था। उसके विरोध में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन किया और उनको कश्मीर की जेल में रखा गया जहां उनकी मौत हो गई। डॉ.मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, यू कहें तो उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता अखंडता के लिए समर्पित कर दिया।
श्रीमती पुष्पलता चौहान ने कहा “मां भारती के महान सपूत, भारत की एकता और अखंडता हेतु अपना जीवन होम कर देने वाले, भारतीय जनसंघ के संस्थापक, अद्वितीय शिक्षाविद् एवं प्रखर राष्ट्रवादी, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन अर्पण करती हूं। डॉ. मुखर्जी ने ‘एक निशान, एक विधान, एक प्रधान’ का प्रखर उद्घोष कर जम्मू-कश्मीर को देश का अभिन्न अंग बनाने के संघर्ष में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। देश की एकता और अखंडता के लिए जब-जब संघर्ष की गाथाएं लिखी जाएंगी, तब-तब उनका नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा।”
आज की कार्यक्रम में बलिदान दिवस पर प्रमुख रूप में,महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पलता चौहान जी मंडल अध्यक्ष अनिल साहू पिछड़ा मोर्चा जिला मंत्री श्री रमेश नायक जी अ ज जा मौचा जिला मंत्री श्री अन्तराम बिशी जी महामंत्री धनिराम पटेल संजय प्रधान उपाध्यक्ष दयानिधि जाल सौसायटी अध्यक्ष घनश्याम भाई प्रसन्न प्रधान कैलाश साहू प्यारी लाल साहू युवा मोर्चा अध्यक्ष हितेश यादव महामंत्री शीशुपाल साहू किसान मोर्चा महामंत्री अयोध्या प्रसाद चौधरी भरत पटेल जी डमरूधर पटेल जी हदयराम नायक जी एस पी चौहान जी जनपद प्रतिनिधि महेश बरिहा शत्रुघन भोई जी एवं कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।

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Pithora wale
Author: Pithora wale

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