भाजपा सरकार की लाठियां छात्रों का हौसला नहीं तोड़ सकतीं, तानाशाही का हर वार जनता के आक्रोश को और तेज करेगा — डॉ. रश्मि चंद्राकर
महासमुंद। जिला कांग्रेस कमेटी की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बर कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे लोकतंत्र, संविधान और युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठी बरसाना, उन्हें घसीटना, हिरासत में लेना और उनकी आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि जिस देश का युवा अपने अधिकार, शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा हो, वहां सरकार का दायित्व उनकी बात सुनना और समाधान निकालना होता है। लेकिन भाजपा सरकार संवाद की जगह दमन, संवेदनशीलता की जगह बर्बरता और लोकतंत्र की जगह तानाशाही का रास्ता चुन रही है। यह अत्यंत शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की पहचान अब विकास नहीं, बल्कि लाठी, दमन और लोकतांत्रिक आवाज़ों को कुचलने वाली सरकार के रूप में बन चुकी है। जब-जब किसान अपनी बात रखते हैं, उन पर बल प्रयोग होता है; जब कर्मचारी आंदोलन करते हैं, उन्हें धमकाया जाता है; और अब छात्रों पर पुलिस का अत्याचार यह साबित करता है कि भाजपा सरकार हर विरोधी आवाज़ को अपराध मानती है।
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि जिन छात्रों के हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उन्हें पुलिस की लाठियों और बूटों का सामना करना पड़ रहा है। यह किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। सत्ता के नशे में चूर भाजपा सरकार यह भूल गई है कि इतिहास गवाह है—युवाओं की आवाज़ को कभी भी दमन से दबाया नहीं जा सका है।
उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं। उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना न केवल अमानवीय है, बल्कि पूरे शिक्षा जगत का अपमान भी है। सरकार को यह समझना होगा कि भय और दमन से आंदोलन खत्म नहीं होते, बल्कि जनाक्रोश और अधिक प्रबल होता है।
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, घायल छात्रों को उचित उपचार और मुआवजा दिया जाए तथा आंदोलनरत छात्रों की सभी जायज़ मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। यदि भाजपा सरकार ने दमनकारी रवैया नहीं छोड़ा और छात्रों की आवाज़ को इसी प्रकार कुचलने का प्रयास जारी रखा, तो प्रदेशभर में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
“भाजपा की लाठी से छात्र झुकेंगे नहीं, बल्कि हर प्रहार के साथ संघर्ष और मजबूत होगा। लोकतंत्र में आवाज़ दबाने वाली सरकारें अधिक समय तक जनता के विश्वास पर टिक नहीं पातीं।”





















