
रायपुर: वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट और LPG की कमी के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के राशनकार्डधारियों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत अप्रैल 2026 के लिए 528 किलोलीटर केरोसिन का कोटा जारी कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने केंद्र सरकार से प्राप्त पहली तिमाही के स्टॉक से यह आवंटन सुनिश्चित किया है।
पात्रता और वितरण का पैमाना
यह केरोसिन प्रदेश की शासकीय उचित मूल्य दुकानों के जरिए वितरित होगा। विभाग के अनुसार, अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के सभी राशनकार्डधारकों को इसका लाभ मिलेगा। वितरण की मात्रा निम्नानुसार तय की गई है:
• शहरी इलाके: प्रति राशनकार्ड अधिकतम 1 लीटर केरोसिन।
• ग्रामीण इलाके: अनुसूचित और गैर-अनुसूचित दोनों क्षेत्रों में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 2 लीटर केरोसिन।
प्रशासनिक निर्देश और वितरण व्यवस्था
राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टरों को कड़े निर्देश दिए हैं कि केरोसिन का उठाव और वितरण तय समय-सीमा के भीतर किया जाए। साथ ही:
• स्थानीय स्तर पर मुनादी या अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर हितग्राहियों को उनकी पात्रता की जानकारी दी जाएगी।
• जिन दुकानों में मांग कम है, वहां के सरप्लस स्टॉक को जरूरत वाली दुकानों में पुनः आवंटित किया जाएगा ताकि तेल की कमी न हो।
• अप्रैल माह के कोटे का उठाव 30 अप्रैल 2026 तक करना अनिवार्य है।
• ऑयल कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लैप्स कोटा की रिपोर्ट 30 अप्रैल तक विभाग को सौंपें।
जिलों के अनुसार आवंटन विवरण
खाद्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जिलों को उनकी आवश्यकतानुसार कोटा मिला है:
• सर्वाधिक आवंटन: बिलासपुर जिले को सबसे ज्यादा 36 किलोलीटर तेल मिला है।
• प्रमुख जिले: बस्तर, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायपुर और जशपुर को 24-24 किलोलीटर आवंटित हुआ है।
• अन्य जिले: राज्य के शेष जिलों के लिए 12-12 किलोलीटर केरोसिन का कोटा तय किया गया है।











