
पिथौरा। जनपद पंचायत पिथौरा सभागार में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन कर पात्र हितग्राहियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हितग्राही, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे और पूरे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से योजना का शुभारंभ किया गया, जिसका सीधा प्रसारण पिथौरा जनपद सभागार में भी किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा योजना के उद्घाटन के पश्चात पिथौरा में भी हितग्राहियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए तथा उपस्थित जनों ने मुख्यमंत्री का प्रेरणादायी उद्बोधन सुना।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 4.95 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया।

इसके पश्चात स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर योजना का लाभ दिया गया। प्रमाणपत्र वितरण के दौरान हितग्राहियों के चेहरे पर प्रसन्नता और संतोष का भाव स्पष्ट रूप से देखा गया, जो इस योजना की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ऊषा घृतलहरें उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश निषाद ने की। उनके साथ जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, जनपद सदस्य पुरुषोत्तम घृतलहरें, सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा, लक्ष्मीकांत सोनी, सुशील भोई एवं पुष्पकांत पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हितग्राहियों को प्रमाणपत्र वितरित करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जनपद पंचायत सीईओ योगेश्वरी बर्मन, तहसीलदार मनीषा देवांगन, नायब तहसीलदार ललित सिंह, नगर पंचायत सीएमओ बिरझुराम सोनबेर, उमेश दीक्षित सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी नीतियों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने की बात कही।

कार्यक्रम में अधिकारियों द्वारा योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।











