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बारनवापारा के घने जंगलों में श्रमजीवी पत्रकार संघ का भ्रमण: पेड़ पर भालू देख थमी सांसें, मयूर और हिरणों ने मोहा मन

बारनवापारा के घने जंगलों में श्रमजीवी पत्रकार संघ का भ्रमण: पेड़ पर भालू देख थमी सांसें, मयूर और हिरणों ने मोहा मन

पिथौरा।

महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक के श्रमजीवी पत्रकार संघ के सदस्यों ने प्रकृति और वन्यजीवों को करीब से जानने के उद्देश्य से बलौदा बाजार जिले में स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य का सघन भ्रमण किया। यह भ्रमण संघ के जिला अध्यक्ष स्वप्निल तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष मनोहर साहू एवं सांकरा के वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान पत्रकारों ने न सिर्फ जंगलों की प्राकृतिक छटा का आनंद लिया, बल्कि वन्यजीवों से जुड़े कई दुर्लभ और रोमांचक पलों के गवाह भी बने।

प्रकृति की गोद में शांति और पक्षियों का कलरव:

बलौदा बाजार जिले का गौरव माना जाने वाला बारनवापारा अभ्यारण्य साल, सागौन और बांस के घने जंगलों से आच्छादित है। प्राकृतिक वादियों और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों के बीच से गुजरते हुए पत्रकार दल ने वहां के शांत वातावरण को महसूस किया। जंगलों के बीच गूंजता पक्षियों का मधुर कलरव और शुद्ध हवा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सदस्यों ने इस दौरान वहां मौजूद विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों और औषधीय वनस्पतियों का भी अवलोकन किया।

पेड़ से गिरते-गिरते बचा भालू, रोमांचक रहा नजारा:

भ्रमण के दौरान एक बेहद रोमांचक और दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाला वाकया भी सामने आया। जंगल के रास्ते से गुजरते समय दल की नजर एक विशालकाय भालू पर पड़ी, जो एक ऊंचे पेड़ पर चढ़कर मजे से आराम कर रहा था और कुछ खा रहा था। इसी बीच अचानक भालू का संतुलन बिगड़ा और ऐसा लगा मानो वह सीधे नीचे मौजूद दल के ऊपर ही गिर जाएगा। एक पल के लिए सभी की सांसें थम गईं और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, भालू ने तुरंत खुद को संभाला और पेड़ की डाल से मजबूती से चिपक कर सुरक्षित नीचे उतर गया। पत्रकारों ने अपने कैमरे में भालू के पेड़ पर चढ़ने और इस पूरी घटना का फुटेज भी कैद कर लिया।

 

हिरणों की अठखेलियां और मयूर का दीदार:

रोमांच का यह सफर यहीं खत्म नहीं हुआ। आगे बढ़ने पर दल को घास के मैदानों में स्वच्छंद विचरण करते हुए खूबसूरत चित्तीदार हिरणों (चीतल) के कई झुंड दिखाई दिए। बिना किसी डर के प्राकृतिक आवास में घूमते हिरणों की ढेरों तस्वीरें पत्रकारों ने अपने कैमरों में सहेजीं। इसके साथ ही, जंगल की हरियाली के बीच एक पूर्ण विकसित मयूर (मोर) भी नजर आया, जो अपने आकर्षक रूप में वहां मौजूद था।

इस विस्तृत भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने प्रकृति की सुंदरता और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व को गहराई से समझा। संघ के सदस्यों ने इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया, जो उन्हें प्रकृति के और करीब ले गया। भ्रमण दल ने सुरक्षित और ज्ञानवर्धक यात्रा के लिए वन प्रबंधन की भी सराहना की।

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pithorawale
Author: pithorawale

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