महासमुंद। जिले में सूरज के तल्ख तेवर और लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन प्रभावित करना शुरू कर दिया है। संभावित लू (हीट स्ट्रोक) की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर की तपिश से बचें और सावधानी बरतें।
तापमान 40°C के पार: लू का खतरा बढ़ा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जब पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है, तो ‘हीट वेव’ की स्थिति बन जाती है। इसका सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों पर पड़ता है।
लू (Heat Stroke) के प्रमुख लक्षण
यदि आपको या आपके आसपास किसी को नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:
• तेज बुखार और सिरदर्द।
• चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना।
• अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।
• शरीर का तापमान बढ़ना लेकिन पसीना न आना।
• प्यास ज्यादा लगना और पेशाब कम होना।
स्वास्थ्य विभाग की ‘सुरक्षा गाइडलाइन’
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से इन नियमों का पालन करने का आग्रह किया है:
1. दोपहर में बाहर जाने से बचें: बहुत जरूरी न हो तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें।
2. हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी, लस्सी, छाछ और आम पना का सेवन बढ़ा दें।
3. पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को तौलिया, टोपी या छाते से जरूर ढकें।
4. प्राथमिक उपचार: लू लगने पर मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें और तरल पदार्थ पिलाएं।
डॉ. राव ने स्पष्ट किया है कि स्थिति गंभीर होने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें। समय पर इलाज ही जान बचा सकता है।





















