
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एक निजी नशामुक्ति केंद्र विवादों के घेरे में आ गया है। यहाँ उपचार के लिए भर्ती हुए एक युवक की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है। सक्ती जिले के ग्राम केसला निवासी सुरेंद्र राठौर को उसके पिता चुन्नीलाल राठौर ने केवल दो दिन पहले ही इस उम्मीद के साथ केंद्र में दाखिल कराया था कि उनका बेटा नशे की लत छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटेगा। हालांकि, भर्ती के महज 48 घंटों के भीतर सुरेंद्र की मौत की खबर ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया है।
परिजनों के गंभीर आरोप:
मृतक के पिता और रिश्तेदारों का सीधा आरोप है कि नशामुक्ति केंद्र में सुरेंद्र के साथ मारपीट और शारीरिक प्रताड़ना की गई। परिजनों का कहना है कि भर्ती के वक्त युवक पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन उन्हें उससे मिलने नहीं दिया गया। आरोप यह भी है कि केंद्र प्रबंधन ने युवक की बिगड़ती हालत को छिपाया और इलाज में घोर लापरवाही बरती।
प्रबंधन की सफाई और पुलिस जांच:
दूसरी ओर, नशामुक्ति केंद्र के संचालक ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। प्रबंधन का दावा है कि युवक की तबीयत अचानक बिगड़ी थी और उसे बचाने की कोशिश की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और यदि प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











