
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के मोर्चे पर सुरक्षा बल भले ही जीत हासिल कर रहे हों, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय लेने को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी तीर चल रहे हैं। इसी कड़ी में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें ‘आईना देखने’ की नसीहत दी है।
अखबार की कतरन पर मचा घमासान
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर एक पुराने साक्षात्कार की कटिंग साझा की। यह इंटरव्यू रमन सिंह के सुरक्षा सलाहकार रहे केपीएस गिल का था। इसे पोस्ट करते हुए बघेल ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि क्या उन्हें और सबूत चाहिए?
रमन सिंह का पलटवार: झीरम घाटी का जिक्र
बघेल के इस वार पर डॉ. रमन सिंह ने पलटवार करने में देरी नहीं की। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “आपकी जेब में तो झीरम घाटी नक्सली हमले के सबूत होने का दावा किया जाता था, लेकिन जब हाथ डालते हैं तो सिर्फ अखबार की एक कतरन ही बाहर आती है।” रमन सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि दूसरों पर कीचड़ उछालने से कोई अपने दामन के दाग नहीं छिपा सकता।
नसीहत और राजनीति
विधानसभा अध्यक्ष ने बघेल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए केवल दोषारोपण की राजनीति की है। उन्होंने बघेल को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और कोरी बयानबाजी से हकीकत नहीं बदली जा सकती।











