महासमुंद:पिथौरा बिराजपाली में ‘हर घर जल’ से बदली ग्रामीणों की तस्वीर, अब घर की चौखट पर मिल रहा शुद्ध पानी

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महासमुंद (1 अप्रैल 2026): छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में विकास की एक नई लहर दिखाई दे रही है। पिथौरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिराजपाली में ‘हर घर जल’ योजना ने ग्रामीणों के जीवन को सुगम और खुशहाल बना दिया है। कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने वाले ग्रामीण अब अपने घर के नल से स्वच्छ पानी प्राप्त कर रहे हैं। गौरतलब है कि 21 फरवरी 2026 को इस गांव को पूर्ण रूप से ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जा चुका है।

सुविधा और संरचना का विस्तार

योजना के सफल क्रियान्वयन के तहत गांव के सभी 182 परिवारों को नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है। जलापूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है:

• लागत: 94.27 लाख रुपये की लागत से पेयजल व्यवस्था तैयार की गई।

• टंकी: गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की एक विशाल ओवरहेड टंकी का निर्माण हुआ है।

• पाइपलाइन: लगभग 2270 मीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए हर घर तक पानी पहुँचाया जा रहा है।

• अतिरिक्त स्रोत: गांव में पहले से मौजूद 13 हैंडपंप और 3 पावर पंप भी जल सुरक्षा को मजबूती दे रहे हैं।

सामुदायिक प्रबंधन और नेतृत्व

योजना को लंबे समय तक चालू रखने के लिए ‘ग्राम जल समिति’ का गठन किया गया है। यह समिति प्रत्येक परिवार से मात्र 60 रुपये प्रतिमाह जलकर लेती है, जिसका उपयोग रखरखाव के लिए किया जाता है। इस परिवर्तन में सरपंच श्री एतराम साहू और सचिव श्रीमती पुष्पलता चौहान के नेतृत्व के साथ-साथ समस्त ग्रामवासियों का अहम योगदान रहा है।

हितग्राही श्याम बाई का कहना है कि नल लगने से अब उनका काफी समय और मेहनत बचती है, जिसका उपयोग वे अन्य घरेलू कार्यों में कर पा रही हैं। यह योजना वास्तव में ग्रामीण सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण बन गई है।

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Prashant Pandey
Author: Prashant Pandey

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