
नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दतिया विधानसभा सीट से दिग्गज कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में अदालत ने बड़ा झटका दिया है। दिल्ली की विशेष MP-MLA कोर्ट ने करीब ढाई दशक पुराने बैंक घोटाले में भारती को दोषी पाते हुए सीधे तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया है। सजा की अवधि पर अंतिम फैसला कल सुनाया जाएगा।
क्या था 25 साल पुराना ‘एफडी’ घोटाला?
यह विवाद दतिया के जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक से जुड़ा है। मामला उस समय का है जब राजेंद्र भारती बैंक के अध्यक्ष पद पर तैनात थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी माता के नाम पर बैंक में ₹10.50 लाख की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाई थी, जिस पर 13.50% की दर से ब्याज मिलना था।
गड़बड़ी तब सामने आई जब इस एफडी की समयावधि को कथित तौर पर धोखाधड़ी से 3 साल से बढ़ाकर सीधे 15 साल कर दिया गया। बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह की शिकायत पर अदालत ने मामले का संज्ञान लिया और इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली में हुआ ट्रायल
राजनीतिक रसूख और निष्पक्षता को देखते हुए करीब 6 महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस केस का ट्रायल ग्वालियर से दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। राजेंद्र भारती ने आशंका जताई थी कि मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनका परिवार इस मामले को प्रभावित कर सकता है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली की निचली अदालत को 6 माह के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद आज यह फैसला आया।
विवादों से पुराना नाता और चुनावी जीत
राजेंद्र भारती का विवादों से यह पहला सामना नहीं है। इससे पहले जनवरी 2022 में एक आदिवासी महिला की जमीन से जुड़े मामले में SC/ST एक्ट के तहत उन्हें जेल जाना पड़ा था।
गौरतलब है कि राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर किया था। उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता और तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लगभग 8800 वोटों से हराकर दतिया सीट पर कब्जा किया था। अब विधायक की गिरफ्तारी के बाद दतिया सहित पूरे प्रदेश की सियासत गरमा गई है।











