
नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद और नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों को जमकर घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के कारण आज देश के अधिकांश हिस्सों से नक्सलवाद का सफाया हो चुका है।
विकास और सुरक्षा का समन्वय
अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गंगा बहाई है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि:
• सड़कें और बुनियादी ढांचा: लगभग 17,589 किलोमीटर सड़कों की मंजूरी दी गई, जिनमें से 12,000 किलोमीटर से अधिक का निर्माण पूरा हो चुका है。
• कनेक्टिविटी: नक्सल प्रभावित इलाकों में 5,000 से अधिक मोबाइल टावर लगाए गए हैं ताकि आदिवासी क्षेत्रों को आधुनिक भारत से जोड़ा जा सके。
• शिक्षा और स्वास्थ्य: 259 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और सैकड़ों आईटीआई (ITI) तथा कौशल विकास केंद्र खोले गए हैं। जगदलपुर में 240 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया गया है。
कांग्रेस और ‘अर्बन नक्सल’ पर तीखा हमला
शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने दशकों तक नक्सलवाद को केवल एक ‘विचारधारा’ मानकर ढील दी, जिससे हजारों निर्दोष आदिवासियों और सुरक्षाकर्मियों की जान गई。 उन्होंने ‘अर्बन नक्सलियों’ और बुद्धिजीवियों के एक वर्ग की भी आलोचना की जो नक्सलियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं, लेकिन नक्सलियों द्वारा मारे गए निर्दोषों के लिए कभी आवाज नहीं उठाते。
नक्सलवाद के अंत की समय सीमा
गृहमंत्री ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और तेज हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक पूरे भारत से नक्सलवाद का पूर्णतः सफाया कर दिया जाएगा。 उन्होंने नक्सलियों से हथियार डालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनके पुनर्वास के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन जो गोली चलाएगा, उसे गोली से ही जवाब दिया जाएगा











