ज्योतिष: मात्र अंधविश्वास नहीं, एक पूर्ण विज्ञान है लेखक: आचार्य गिरीश पाण्डेय (ज्योतिषाचार्य एवं श्रीमद्भागवत कथा वाचक)

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सादर जय श्री कृष्ण,

हमारा संपूर्ण व्यक्तित्व और हमारा संपूर्ण जीवन नवग्रहों से प्रभावित रहता है। ग्रहों के परिवर्तन, उनकी युति और ग्रहों की दशा, महादशा तथा अंतर्दशा का प्रभाव जातक के जीवन पर प्रत्यक्ष रूप से परिलक्षित होता है।

कुंडली के भाव और ग्रहों की स्थिति

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कौन सा ग्रह कुंडली में किस भाव में, किस अवस्था में, उच्च या नीच राशि में, शत्रु के घर में या मित्र के घर में, तात्कालिक मैत्री या पंचधा मैत्री में बैठा हुआ है—इसी आधार पर जातक के जीवन, शरीर, स्वास्थ्य, परिवार, दांपत्य जीवन और व्यापार का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है।

ग्रहों के उच्च और नीच का प्रभाव

ग्रहों की स्थिति हमारे जीवन की दिशा तय करती है। उदाहरण स्वरूप:

• सूर्य देव: जहाँ सूर्य मेष राशि में होकर ‘उच्च’ के होते हैं और अनेक शुभ फल प्रदान करते हैं, वहीं तुला राशि में जाकर वे ‘नीच’ के हो जाते हैं। नीच का सूर्य जातक के जीवन में अनेक प्रकार की समस्याओं और संघर्षों को जन्म देता है।

• चंद्र देव: वृष राशि में चंद्रमा ‘उच्च’ के होते हैं, जो मन को शांति और शीतलता देते हैं। इसके विपरीत, वृश्चिक राशि में चंद्रमा ‘नीच’ के हो जाते हैं। नीच का चंद्रमा जातक को अत्यधिक मानसिक कष्ट दे सकता है, यहाँ तक कि मनुष्य को आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर तक कर सकता है।

कलयुग में राहु का प्रभाव और विशेष उपाय

वर्तमान कलयुग में राहु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आप राहु को अपने अनुकूल बना लें, तो आप इस युग के राजा बन सकते हैं।

पैसे आने के रास्ते खोलने और बाधाओं को दूर करने के लिए एक अचूक उपाय साझा कर रहा हूँ:

उपाय: सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) लें। इसे अपने सिर से एंटी-क्लॉकवाइज (घड़ी की उल्टी दिशा में) 9 बार घुमाकर पक्षियों को डाल दें। इससे आपके रुके हुए कार्य बनने लगेंगे और धन आगमन के मार्ग प्रशस्त होंगे।

विद्वत मार्गदर्शन एवं परामर्श

यदि आप अपनी कुंडली का विस्तृत विश्लेषण करवाना चाहते हैं, या अपने जीवन की समस्याओं का ज्योतिषीय समाधान खोज रहे हैं, तो आप सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, श्रीमद्भागवत कथा, देवी भागवत, राम कथा एवं समस्त प्रकार के वैदिक यज्ञ अनुष्ठानों हेतु भी आप सादर आमंत्रित हैं।

• नाम: आचार्य गिरीश पाण्डेय

• विशेषज्ञता: ज्योतिषाचार्य,श्रीमद् भागवत एवं श्री राम कथा वाचक, यज्ञ अनुष्ठान विशेषज्ञ

• संपर्क सूत्र: +91 7000217167

• स्थान: पिथौरा / महासमुंद (छत्तीसगढ़)

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ग्रहों की चाल को समझें, जीवन की दिशा बदलें।

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