कौन हैं छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका? संस्थापक सदस्य से लेकर राजभवन तक, ऐसा रहा उनका गौरवशाली राजनीतिक सफर

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सरायपाली प्रवास: विकास और पर्यावरण पर जोरसरायपाली। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमन डेका अपने प्रवास के दौरान सरायपाली पहुँचे, जहाँ उन्होंने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्यपाल ने न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी, बल्कि अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने विशेष रूप से जल संरक्षण और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर जोर देते हुए रेस्ट हाउस परिसर में ‘पीपल’ का पौधा रोपा। कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों को छोड़कर जैविक खेती अपनाने और चावल के वैल्यू एडिशन के जरिए अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कौन हैं रमन डेका? (Who is Ramen Deka?)

छत्तीसगढ़ के 10वें राज्यपाल श्री रमन डेका का व्यक्तित्व सादगी और अनुभव का संगम है। उनका जन्म 1 मार्च, 1954 को असम के कामरूप जिले के सुआलकुची में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय श्री सुरेंद्र नाथ डेका और माता स्वर्गीय श्रीमती चंपावती डेका थीं। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय के प्राग्ज्योतिष कॉलेज से दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र में स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की। उनका विवाह श्रीमती रानी डेका काकोटी से हुआ है और उनके दो बच्चे हैं।

राजनीतिक सफर और अनुभव (Political Career):

• शुरुआत और भाजपा की स्थापना: श्री रमन डेका 1977 से राजनीति में सक्रिय हैं। वे 1980 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं, जो उनकी गहरी वैचारिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

• संगठनात्मक नेतृत्व: वर्ष 2006 में उन्होंने असम प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दीं।

• संसदीय अनुभव (दो बार सांसद): वे असम के मंगलदोई निर्वाचन क्षेत्र से दो बार (2009 और 2014) लोकसभा सदस्य चुने गए। 16वीं लोकसभा के दौरान वे लोकसभा के सभापति तालिका (Panel of Chairpersons) के सदस्य भी रहे।

• महत्वपूर्ण समितियाँ: अपने संसदीय कार्यकाल में वे गृह मामलों की स्थायी समिति, लोक लेखा समिति, विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति और ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’ की केंद्रीय सलाहकार समिति जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वे भारत-भूटान और भारत-चीन संसदीय मैत्री समूह के सदस्य भी रहे।

• कैबिनेट मंत्री का दर्जा: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बनने से ठीक पहले, अगस्त 2021 से जुलाई 2024 तक वे असम के ‘नवाचार और रूपांतरण आयोग’ (Innovation and Transformation Commission) के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री रैंक) रहे।

31 जुलाई, 2024 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में शपथ ली, और तब से वे राज्य के विकास और लोक कल्याण के लिए निरंतर समर्पित हैं।

व्यक्तित्व की विशेषताएं: सादगी और कर्तव्यनिष्ठा

सरायपाली प्रवास के दौरान उनकी कार्यशैली से यह स्पष्ट हो गया कि वे केवल एक संवैधानिक प्रमुख नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने वाले मार्गदर्शक हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य और टीबी उन्मूलन (TB Mukt Bharat) के प्रति उनकी प्रतिबद्धता राज्य के लिए एक नई दिशा तय कर रही है।

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Prashant Pandey
Author: Prashant Pandey

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