रायपुर, 27 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। सक्रिय श्रमिकों के ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन के मामले में छत्तीसगढ़, भारत के सभी राज्यों को पछाड़ते हुए देश में प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है। केंद्र सरकार के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ ने 97.11% सक्रिय श्रमिकों का डिजिटल वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
प्रदेश की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि छत्तीसगढ़ ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और त्रिपुरा जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। राज्य के कुल 58 लाख से अधिक सक्रिय मनरेगा श्रमिकों में से लगभग 56.87 लाख से ज्यादा मजदूरों की ई-केवाईसी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है।
पारदर्शिता और सुशासन का मॉडल
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा की प्रभावी मॉनिटरिंग ने इस लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य मजदूरी भुगतान में पूर्ण पारदर्शिता लाना, फर्जी जॉब कार्डों को समाप्त करना और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित करना है।
नेतृत्व की प्रतिक्रिया
• मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को श्रमिक कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि हमारी सरकार गरीबों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
• उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस सफलता का श्रेय जमीनी स्तर पर काम करने वाली टीम को दिया। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि शेष बचे हुए कार्यों को भी जल्द पूरा कर राज्य को 100% लक्ष्य की ओर ले जाया जाए।
इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को देश के नक्शे पर डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है।























