Edition

मंगल का मेष राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर इसका प्रभाव ज्योतिष विश्लेषण: आचार्य पंडित गिरीश पांडे (एस्ट्रोलॉजर)

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वैदिक ज्योतिष में मंगल को शौर्य, साहस, भूमिपुत्र होने के कारण भूमि और आत्मविश्वास का, एनर्जी का कारक ग्रह माना जाता है। कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में मंगल हो तो मांगलिक दोष बनता है।

ग्रहों के सेनापति मंगल का गोचर मेष राशि में 11 मई की रात 12:57 में होने वाला है। मेष राशि मंगल की खुद की राशि है। मेष राशि में जब मंगल विराजमान होते हैं, जो कि काल पुरुष की प्रथम राशि अथवा लग्न है, तो देश-दुनिया में चीजें तेजी से बदलती हुई दिखाई देंगी। मेष राशि में मंगल की ऊर्जा तीव्र और आवेशपूर्ण होती है। यह ऊर्जा व्यक्ति को आत्मविश्वास से लबरेज कर देती है, परंतु इस ऊर्जा का इस्तेमाल सही दिशा में करना आवश्यक होता है, नहीं तो नकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं।

आइए जानते हैं, मेष राशि का मंगल द्वादश राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा:

इन राशियों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव

• मिथुन राशि:

मिथुन राशि के लिए मंगल छठवें भाव (रोग, ऋण, शत्रु) तथा 11वें (आय भाव) के स्वामी हैं। एकादश भाव आय, उन्नति, सामाजिक जीवन एवं पहचान का होता है। मेष राशि में मंगल का यह गोचर आपको अनुशासित रहने, कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से करने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। इस दौरान यदि आप मंगल ग्रह की ऊर्जा के साथ तालमेल बना सके तो अपनी मेहनत के अच्छे परिणाम आपको प्राप्त होंगे। आप बेहतरीन काम के बल पर अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं। कार्य-व्यापार और करियर में सफलता प्राप्त करने के लिए एक बेहतरीन अवसर आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।

• कर्क राशि:

कर्क राशि के लिए मंगल आपके सप्तम भाव (पार्टनर, लाइफ पार्टनर और दैनिक आय) तथा दसवें भाव (करियर भाव) के स्वामी ग्रह हैं। मंगल ग्रह के इस गोचर से सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। करियर में ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे। व्यापार में अभूतपूर्व सफलता के योग बन रहे हैं। परंतु याद रखें, मंगल का यह गोचर आपके जीवन में किसी उतार-चढ़ाव का कारण भी बन सकता है। यदि आप समस्याओं को पार कर लेते हैं, तो सफलता निश्चित है।

• सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर नवम भाव में होने जा रहा है, जो कि भाग्य का स्थान माना जाता है। सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल चतुर्थ और नवम भाव के स्वामी ग्रह होते हैं। इस गोचर के दौरान आपको अप्रत्याशित रूप से सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ मिलेगा, नए अवसरों की प्राप्ति होगी और सफलता के मार्ग पर आप बढ़ेंगे। बरसों से जिसकी प्रतीक्षा आपने की है, वही समय दस्तक दे रहा है। आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे। मंगल की ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग किया तो जीवन का महत्वपूर्ण क्षण आने ही वाला है।

• वृश्चिक राशि:

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल पहले और छठे भाव के स्वामी हैं। पहला भाव आपके संपूर्ण व्यक्तित्व का है, जबकि छठा भाव रोग, ऋण और शत्रु का है। मंगल का मेष राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत की प्रशंसा होगी। कम प्रयासों में भी सफलता आपके कदम चूमेगी। व्यापार में समय अनुकूल रहेगा और धन लाभ के भी योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन भी सुखमय बीतेगा।

• धनु राशि:

धनु राशि के लिए मंगल पंचम भाव (शिक्षा एवं संतान) तथा द्वादश भाव (हानि) के स्वामी हैं। मंगल ग्रह के मेष राशि में गोचर होने से थोड़ी बेचैनी महसूस कर सकते हैं, लेकिन इस गोचर के दौरान अच्छा धन कमाएंगे। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह गोचर अनुकूल रहेगा और आप स्वयं को काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे।

• कुंभ राशि:

कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल तृतीय (पराक्रम) और दशम (करियर भाव) के स्वामी हैं। मंगल का यह गोचर आपके तृतीय भाव में हो रहा है, जिससे किए गए प्रयासों में आपको सफलता प्राप्त होगी। कड़ी मेहनत के बल पर कार्यक्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता के योग बनेंगे। स्वयं का व्यवसाय करने वाले लोगों को कड़ी प्रतिद्वंद्विता का सामना करना पड़ेगा, लेकिन मंगल ग्रह का आशीर्वाद आपके साथ रहेगा। इस गोचर के दौरान स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा और जीवनसाथी के साथ सुखमय जीवन बीतेगा।

• मीन राशि:

मीन राशि के जातकों के लिए मंगल द्वितीय (वाणी, धन भाव) तथा नवम (भाग्य भाव) के स्वामी हैं। मंगल ग्रह का यह गोचर आपके द्वितीय भाव में होने जा रहा है। इस गोचर के दौरान आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। किस्मत का साथ आपको मिलेगा, पर्याप्त मात्रा में धन आएंगे और स्वास्थ्य बेहतर होगा।

इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव

• वृषभ राशि:

वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल सप्तम (पार्टनर, लाइफ पार्टनर, डेली इनकम) और द्वादश (हानि भाव) के स्वामी हैं। मंगल का यह गोचर आपके 12वें भाव में होने वाला है, जिसके कारण इस गोचर के दौरान आपको अपने कार्य-व्यापार, वैवाहिक जीवन एवं सेहत को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता होगी। मंगल के मंत्रों का जप करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर अवश्य जाएं।

• तुला राशि:

तुला राशि के जातकों के लिए मंगल द्वितीय (धन भाव) तथा सप्तम (पार्टनर, लाइफ पार्टनर, डेली इनकम) के स्वामी ग्रह हैं। इस गोचर के दौरान आपके रिश्तों में अचानक से तनाव आ सकता है। लाइफ पार्टनर के साथ अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। मंगल के वैदिक मंत्रों का जाप करें, ग्रह संबंधित दान दें और हनुमान जी को बूंदी एवं चने का भोग लगाएं। मंगलवार को हनुमान जी के दर्शन अवश्य करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!