पिथौरा नगर का गौरवपथ मार्ग इन दिनों आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों में शामिल इस सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। वहीं दूसरी ओर, सड़क किनारे लगे विज्ञापन बोर्डों में नियमित रूप से रोशनी जलने से लोगों के बीच कई तरह की बातें सामने आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार गौरवपथ मार्ग को शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह मार्ग पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं हो पाया है। सड़क के कई हिस्सों में अब भी अधूरे कार्य दिखाई देते हैं, जबकि रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गौरवपथ शहर का मुख्य मार्ग माना जाता है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। बावजूद इसके कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। कुछ जगहों पर लाइटें लगी जरूर हैं, लेकिन वे नियमित रूप से चालू नहीं हो पा रही हैं। इससे शाम ढलते ही मार्ग के कई हिस्सों में अंधेरा नजर आने लगता है।
सूत्र बताते हैं कि नगर के अंदरूनी हिस्सों में भी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था शुरू तो हुई है, लेकिन कई इलाकों में आधी लाइटें अब भी बंद दिखाई देती हैं। वहीं विज्ञापन और प्रचार बोर्डों में लगी लाइटें लगातार चालू रहने से लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि जब प्रचार सामग्री को रोशन रखने की व्यवस्था नियमित हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुविधा से जुड़ी लाइट व्यवस्था पूरी तरह सुचारु क्यों नहीं हो पा रही।
राहगीरों और व्यापारियों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से रात के समय आवागमन प्रभावित होता है। कई लोगों ने यह भी कहा कि अधूरा पड़ा गौरवपथ मार्ग अब शहर की सबसे बड़ी अधूरी परियोजनाओं में गिना जाने लगा है। हालांकि लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस दिशा में ध्यान देगा और बंद पड़ी लाइटों के साथ अधूरे कार्यों को भी पूरा कराया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो स्थानीय स्तर पर इस विषय को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि शहर के विकास कार्यों में यदि मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए, तो आम जनता को अधिक राहत मिल सकती है। फिलहाल नगरवासियों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि गौरवपथ मार्ग का अधूरा कार्य और बंद पड़ी रोशनी की समस्या आखिर कब तक दूर हो पाएगी।



















