बसना। महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत अंकोरी (कायतपाली) धान खरीदी केंद्र में बड़ी अनियमितता सामने आने के बाद सहकारिता विभाग और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने केंद्र प्रभारी पर धान खरीदी प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी और 1422 क्विंटल से अधिक धान की कमी दिखाकर लाखों-करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला अंकोरी (कायतपाली) धान खरीदी केंद्र पंजीयन क्रमांक 1351 से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि खरीदी सत्र 2025-26 के दौरान धान के वजन और स्टॉक रिकॉर्ड में कथित रूप से गड़बड़ी की गई, जिसके चलते 1422.05 क्विंटल धान शॉर्टेज दर्शाया गया। इससे शासन को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने केंद्र प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खरीदी के दौरान बिना सही तौल के कुछ लोगों को अतिरिक्त बारदाना दिया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित प्रभारी के खिलाफ पूर्व में भी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें हो चुकी हैं, जिनकी जांच अभी तक लंबित बताई जा रही है।
मामले को लेकर ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर महासमुंद को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इसके अलावा जांच पूरी होने तक केंद्र प्रभारी को तत्काल पद से हटाने की मांग भी उठाई गई है। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
शिकायतकर्ता महेंद्र प्रधान, नारायण राठौर, नरेंद्र राठौर सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जांच किसानों और ग्रामीणों की मौजूदगी में कराई जानी चाहिए ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे और सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि यदि प्रभारी को पद पर बनाए रखा गया तो साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना बनी रह सकती है।
इस पूरे मामले की शिकायत की प्रतिलिपि प्रभारी मंत्री, एसडीएम बसना, तहसीलदार बसना और उप पंजीयक सहकारी समितियां महासमुंद को भी भेजी गई है। अब लोगों की नजर प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।



















