महासमुंद/पिथौरा
महासमुंद जिले के पिथौरा स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान में लंबे समय से चल रहे शराब मिलावट के मामले का आबकारी विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण कर चार कर्मचारियों को शराब में पानी मिलाते हुए मौके पर पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
खुलेआम चल रहा था मिलावट का काम
जानकारी के मुताबिक 25 मई 2026 को आबकारी विभाग की टीम ने पिथौरा की अंग्रेजी शराब दुकान में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान देखा गया कि दुकान में मौजूद कर्मचारी मैकडॉवेल नंबर 1 शराब की पाव बोतलों का सील खोलकर उसमें पानी मिला रहे थे। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
लंबे समय से एक ही दुकान में पदस्थ थे कर्मचारी
बताया जा रहा है कि पकड़े गए कर्मचारियों में उमेश मन्नाडे और करन सोनटके करीब दो वर्षों से पिथौरा शराब दुकान में कार्यरत थे। वहीं नारायण निषाद और हेमंत पटेल पिछले कई महीनों से यहां पदस्थ थे। लंबे समय तक एक ही जगह पर रहने के कारण कर्मचारियों के हौसले इतने बढ़ गए थे कि वे बिना डर के मिलावटी शराब बेचने का काम कर रहे थे।
आबकारी एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
आबकारी उपनिरीक्षक हृदय कुमार त्रिपुड़े ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 38(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान पानी मिली हुई मैकडॉवेल नंबर 1 शराब की बोतलें जब्त की गई हैं। साथ ही आरोपियों को ब्लैक लिस्ट करने की भी अनुशंसा की गई है।
ये कर्मचारी हुए गिरफ्तार
- करन सोनटके
- उमेश मन्नाडे
- नारायण निषाद
- हेमंत पटेल
टीम ने की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई में पिथौरा वृत्त के विवेचक अधिकारी हृदय कुमार त्रिपुड़े की मुख्य भूमिका रही। उनके साथ बसना वृत्त से अनिल कुमार झारिया और सरायपाली वृत्त से मिर्जा जफर बैग सहित अन्य आबकारी कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।




















