शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम ऊषा घृतलहरे
पिथौरा। विकासखंड पिथौरा में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष ऊषा पुरुषोत्तम धृतलहरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल द्वारा की गई। वहीं विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत सभापति रामदुलारी सीताराम सिन्हा, जनपद सदस्य पुरुषोत्तम धृतलहरे, मंडल अध्यक्ष हलधर साहू, विधायक प्रतिनिधि कैलाशचंद्र अग्रवाल, सरपंच संघ अध्यक्ष सतपाल सिंह छाबड़ा, सीताराम सिन्हा, नरेंद्र बोरे, सरपंच फगिनी साहू, उपसरपंच मनोज अग्रवाल, सत्यप्रकाश साव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर एवं पाठ्य सामग्री वितरित कर आत्मीय स्वागत किया गया। अतिथियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने तथा शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि ऊषा पुरुषोत्तम धृतलहरे ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षित पीढ़ी ही विकसित समाज का आधार बनती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव बच्चों के जीवन में शिक्षा की नई शुरुआत का उत्सव है। शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
जिला पंचायत सभापति रामदुलारी सीताराम सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है। शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और बेहतर भविष्य के निर्माण की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई और विद्यालयीन गतिविधियों में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने शासन की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी देते हुए शिक्षकों के योगदान की सराहना की। शाला प्रवेशोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, शिक्षा के प्रति जागरूकता और समृद्ध समाज निर्माण का एक महत्वपूर्ण अभियान है। कार्यक्रम ने सभी को शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।






















