कीचड़ और गड्ढों के बीच सफर करने को मजबूर ग्रामीण, प्रशासन मौन
विशेष रिपोर्ट: अखिलेश मिश्रा
थरगांव। विकास के दावों के बीच ग्राम पंचायत थरगांव के ग्रामीणों के हिस्से में सिर्फ परेशानियां और उपेक्षा आ रही है। गांव की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक की स्थिति इतनी बदहाल हो चुकी है कि यहाँ चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। सालों से मरम्मत न होने के कारण सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे हर दिन ग्रामीण हादसों का शिकार हो रहे हैं।
बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में धूल के गुबार से परेशानी होती है, तो वहीं बारिश शुरू होते ही ये सड़कें ‘टापू’ का रूप ले लेती हैं। जगह-जगह जलभराव और घुटनों तक कीचड़ होने के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होती है।
ग्रामीणों का दर्द: “गाँव में अगर कोई अचानक बीमार हो जाए, तो एम्बुलेंस को अंदर लाने में पसीने छूट जाते हैं। कई बार मरीजों को खाट या बाइक पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। क्या यही हमारे हिस्से का विकास है?”





















