साप्ताहिक गांधी पदयात्रा में शामिल हुए जन्मजय नायक
सरायपाली। सत्य और अहिंसा के प्रथम संवाहक महात्मा गांधी एवं ‘जय जवान जय किसान’ के उद्घोषक सादगी की प्रतिमूर्ति पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के शुभअवसर पर सन् 1945 से ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ तिरंगा झंडा लेकर आजादी का शंखनाद करने वाले आंचलिक पदयात्रा के प्रेरणा पंडित जयदेव सतपथी एवं पंडित लक्ष्मण सतपथी द्वारा संचालित 82वीं वार्षिक गांधी पद यात्रा युवा समाजसेवी विद्याभूषण सतपथी एवं सहयोगियों नेतृत्व में स्वतंत्रता सेनानी स्मृति स्थल जयनगर तोषगांव में संपन्न हुआ।
जन-जन की सहभागिता के साथ इस साप्ताहिक भव्य गांधी पदयात्रा में वंदे मातरम सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष तथा वीणापाणि संगीत महाविद्यालय बस्ती सरायपाली के संचालक,ओजस्वी वक्ता जन्मजय नायक भी शामिल हुए। इस अवसर पर श्री नायक ने अपने संबोधन में कहाआज हम इतिहास के उन स्वर्णिम पृष्ठों को स्मरण कर रहे हैं जिसमें आजादी की इबारत लिखी है,जो किसी साधारण मसी (कलम) से नहीं अपितु हमारे पूर्वजों के शौर्य,त्याग और रक्त की बूंदों से लिखे गए हैं।भारत की यह पावन भूमि केवल एक भूभाग नहीं है,यह अनगिनत क्रांति चेतताओं की तपोभूमि है,जिन्होंनेअपनी धमनियों के रक्त से स्वतंत्रता के कल्पवृक्ष को सींचा है,और उन्हीं में से एक उत्सर्गमयी विभूति हुतात्मा पंडित जयदेव सतपथी जी हैं जिन्होंने अपनी तरूणाई को देश के वेदी पर समिधा बना दिया। पंडित जयदेव सतपथी नेअंग्रेजों के विरुद्ध साहित्यिक प्रतिरोध,शिक्षा प्रसार और राष्ट्रीय सत्याग्रह आंदोलन का नेतृत्व किया था।जब पराधीनता की काली रात गहरी थी, तब इन मतवालों ने इंकलाब के नारो से सोए हुए राष्ट्र की चेतना को झकझोर दिया था।उन हुतात्माओं का साहस कालजयी है,जिनकी हुंकार से साम्राज्यवादी सत्ता की नींव हिल गई थी।नायक ने आगे कहा ग्राम तोषगांव की यह धरा पावन और धन्य है जिसने पंडित जयदेव सतपथी जैसे उत्सर्गमयी विभूति को जन्म दिया है।यह हम सबके लिए सम्मान और गौरव की बात है।सतपथी जी और उनके कार्य सदैवअमर और वंदनीय रहेंगी।नायक ने महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री,पंडित जयदेव सतपथी जैसे महान विभूतियों को स्मरण कर उनके तैलीय चित्र पर भावांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित किए।कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए।इस अवसर पर अनेक गांधी,शास्त्री प्रेमी,मातृशक्ति,समाजसेवी,साहित्य सेवी,शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अनेक प्रबुद्ध जन,उपस्थित थे।























