
रायपुर: छत्तीसगढ़ के राशन कार्ड धारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत एक बड़ा निर्णय लेते हुए अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ वितरित करने का आदेश दिया है। यानी अब हितग्राहियों को बार-बार दुकान के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ समय से सर्वर की तकनीकी समस्याओं और गोदामों में स्टॉक की कमी के कारण राशन वितरण में काफी बाधाएं आ रही थीं। फरवरी और मार्च में भी इसे सुधारने की कोशिश की गई, लेकिन दिक्कतें बनी रहीं। इसी को देखते हुए खाद्य विभाग ने रणनीति बदली है ताकि अप्रैल में उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो।
वितरण की नई व्यवस्था: मुख्य बातें
* एडवांस स्टॉक: सभी उचित मूल्य की दुकानों को मार्च के अंत तक चावल का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
* बायोमेट्रिक अनिवार्य: राशन लेने के लिए पहले की तरह ही ई-पास (e-POS) मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन करना होगा।
* प्रचार-प्रसार: इस नई व्यवस्था की जानकारी शहरों और गांवों में मुनादी और सूचना बोर्ड के जरिए दी जाएगी।
अप्रैल में मनेगा “चावल उत्सव”
वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए सरकार अप्रैल में ‘चावल उत्सव’ का आयोजन करेगी।
सख्त निगरानी: खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारी ग्राउंड जीरो पर तैनात रहेंगे। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि राशन वितरण में कोई भी हेराफेरी या अनियमितता पाई गई, तो संबंधित दुकान संचालक या दोषी व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।











