
महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ के सुचारू संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार, अब योजना के सभी पात्र हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। महासमुंद जिले में इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होने जा रही है, जो 30 जून 2026 तक चलेगी।
जिले के 3.26 लाख हितग्राहियों पर केंद्रित अभियान
अकेले महासमुंद जिले में लगभग 3,26,814 हितग्राही इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। शासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सीधे और सही व्यक्ति तक पहुँचता रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जटवार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क होगी। किसी भी हितग्राही को इसके लिए कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।
वीएलई (VLE) को दिया जा रहा है विशेष प्रशिक्षण
अभियान को त्रुटिहीन बनाने के लिए जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों और वीएलई को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शेड्यूल इस प्रकार है:
• 27 मार्च: महासमुंद विकासखण्ड (सम्पन्न)
• 28 मार्च: बागबाहरा
• 30 मार्च: पिथौरा
• 31 मार्च: बसना
• 01 अप्रैल: सरायपाली
प्रशिक्षण के दौरान ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहकर तकनीकी बारीकियों को समझ रहे हैं।
कैसे कराएं ई-केवाईसी? (हितग्राहियों के लिए आसान प्रक्रिया)
हितग्राहियों की सुविधा के लिए सरकार ने इसे बेहद सरल रखा है:
1. CSC केंद्र: हितग्राही अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित किसी भी सीएससी (CSC) सेंटर पर जाकर केवाईसी करा सकते हैं।
2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग: इस पूरी प्रक्रिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं ‘सेतु’ का काम करेंगी। वे हितग्राहियों को केंद्र तक ले जाने और प्रक्रिया समझाने में मदद करेंगी।
3. स्वचालित अपडेट: जैसे ही किसी महिला का केवाईसी पूरा होगा, पोर्टल पर उनका नाम ‘सक्सेस’ लिस्ट में अपडेट हो जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी आईडी के जरिए यह देख सकेंगी कि उनके क्षेत्र में किन महिलाओं का केवाईसी अभी लंबित (Pending) है।
डाटा सुरक्षा का भरोसा
सरकार ने हितग्राहियों की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा है। विभाग ने साफ किया है कि केवाईसी के दौरान ली गई किसी भी हितग्राही की निजी जानकारी, पहचान या डाटा किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित सर्वर के माध्यम से संचालित होगी।
अधिकारियों की रहेगी पैनी नजर
योजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए, इसके लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) और पर्यवेक्षकों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तकनीकी समस्या या कठिनाई आने पर तत्काल निराकरण के लिए जिला स्तर पर टीम तैनात रहेगी।
संपादकीय नोट: यदि आप इस योजना के हितग्राही हैं, तो समय सीमा (30 जून) का ध्यान रखें और अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या सीएससी से संपर्क कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करें।











