
रायपुर | 7 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज देश की राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के सुनहरे भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर शांति और प्रगति की नई राह पर है। उन्होंने पीएम मोदी को मानसून के बाद बस्तर प्रवास के लिए आमंत्रित किया है, जहां वे क्षेत्र की जनता को हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।

360° डेवलपमेंट पर फोकस: ‘बस्तर मुन्ने’ बनेगा गेमचेंजर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बस्तर के समग्र विकास के लिए ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ (SCFE) रणनीति पर आधारित एक विस्तृत ब्लूप्रिंट सौंपा। इस योजना के तहत ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसमें हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
बस्तर के दुर्गम इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है:
• सड़क और पुल: 2027 तक पीएम ग्राम सड़क योजना के कार्यों को पूरा करने के साथ 228 नई सड़कें और 267 पुलों का निर्माण होगा।
• रेल और एयर कनेक्टिविटी: रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन और जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार पर तेजी से काम होगा।
• सिंचाई: इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार परियोजनाओं से 31,840 हेक्टेयर क्षेत्र में हरियाली आएगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और स्टार्टअप को नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पोटा केबिन स्कूलों को अब स्थाई भवनों का रूप दिया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछाया जा रहा है। युवाओं के लिए ‘अंजोर विजन 2047’ के तहत 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
आय दोगुनी करने का लक्ष्य और पर्यटन का वैश्विक चेहरा
बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने 2029 तक परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की योजना बनाई है। साथ ही, बस्तर के चित्रकोट, तीरथगढ़ और कांगेर घाटी जैसे स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभारने के लिए ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।











