
ग्राम अरंड (पिथौरा): भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक बुढ़ानशाह जी की 141वीं जयंती ग्राम अरंड में अत्यंत गरिमामय और श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस गौरवशाली अवसर पर क्षेत्रवासियों ने उनके संघर्षों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता कौड़िया राज के अध्यक्ष पल्टूराम ध्रुव ने की।
प्रतिमा पर माल्यार्पण और योगदान का स्मरण
समारोह का शुभारंभ ग्राम के मुख्य चौक पर स्थित सेनानी बुढ़ानशाह की प्रतिमा पर विधि-विधान से पूजन और माल्यार्पण के साथ हुआ। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उनके ऐतिहासिक योगदानों पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि चुन्नीलाल साहू ने कहा कि बुढ़ानशाह जी का जीवन राष्ट्रभक्ति और त्याग का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि किस तरह 1930 के जंगल सत्याग्रह और 1935-36 में 52 गढ़ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने ओडिशा सीमा तक आजादी की अलख जगाई। अंग्रेजों के जुल्म सहने और जेल जाने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। आजादी के बाद भी उन्होंने ‘कौड़िया किसान संघ’ बनाकर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी।
मुख्यमंत्री को आमंत्रण और नामकरण की मांग
साहू ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 17 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को अरंड आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने महासमुंद मेडिकल कॉलेज और नया रायपुर मार्ग का नामकरण बुढ़ानशाह जी के नाम पर करने की पुरजोर मांग उठाई।
विशिष्ट अतिथियों ने दी श्रद्धांजलि
• देवेश निषाद (नगर पंचायत अध्यक्ष): उन्होंने बताया कि पिथौरा के प्रवेश द्वार का नाम सेनानी बुढ़ानशाह जी के नाम पर रखकर उन्हें सम्मान दिया गया है।
• भीखम ठाकुर (जिला पंचायत उपाध्यक्ष): उन्होंने शहीदों के बलिदान को अक्षुण्ण रखने और उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
• मनमीत छाबड़ा (सांसद प्रतिनिधि): उन्होंने बुढ़ानशाह के सेवा भाव और ईमानदारी को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सर्वआदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष मनराखन ठाकुर, तहसील अध्यक्ष मनोहर साहू, दुलीकेशन साहू, कार्तिक राम पटेल और बुढ़ानशाह के वंशज योगसाय मंचासीन रहे। इनके अलावा कौड़िया-02 अध्यक्ष अनूप ध्रुव, कौड़िया-03 अध्यक्ष सियाराम ध्रुव, सूरमाल परिक्षेत्र अध्यक्ष राजकुमार ध्रुव, छोटे बार अध्यक्ष जागेश्वर ध्रुव, तुलाराम ध्रुव, शिवचरण ध्रुव और कृष्णा ध्रुव सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम का सफल संचालन घांसी राम ध्रुव ने किया और आभार प्रदर्शन पल्टूराम ध्रुव ने व्यक्त किया।










