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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर जारी, पिथौरा- महासमुंद में भी बढ़ा तापमान, मानसून को लेकर मौसम विभाग की बड़ी अपडेट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेशभर में नौतपा के दौरान तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 25 मई से शुरू हुआ नौतपा 2 जून तक जारी रहेगा और इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग दोपहर में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

राजधानी रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। हीटवेव जैसी स्थिति बनने से लोगों को चक्कर, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, मानसून उतना ही बेहतर माना जाता है।

महासमुंद जिले और पिथौरा क्षेत्र में भी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिथौरा में दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर में तापमान 45 डिग्री के आसपास महसूस किया जा रहा है। बस स्टैंड, बाजार और मुख्य सड़कें दोपहर के समय लगभग सुनसान नजर आ रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में कहीं-कहीं तेज हवाएं चलने और बादल गरजने की संभावना भी है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। हालांकि फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।

इस बीच मानसून को लेकर भी मौसम वैज्ञानिकों ने नई जानकारी दी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल अपनी संभावित तारीख पर केरल नहीं पहुंच पाएगा। पहले संभावना जताई जा रही थी कि मानसून 26 मई तक केरल में दस्तक दे सकता है, लेकिन अभी अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनने के कारण इसमें देरी हो रही है। हालांकि केरल के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, लेकिन उसे मानसून की आधिकारिक एंट्री नहीं माना गया है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार केरल में मानसून की सामान्य एंट्री 1 जून को होती है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, मानसून की घोषणा कर दी जाएगी। सामान्य तौर पर केरल पहुंचने के लगभग 10 दिन बाद मानसून छत्तीसगढ़ पहुंचता है। ऐसे में प्रदेश में मानसून की एंट्री 12 जून के आसपास मानी जा रही है।

जारी मॉनसून बुलेटिन के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो रही हैं, लेकिन फिलहाल लोगों को गर्मी से राहत के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। उत्तर और मध्य भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार बांदा, ब्रह्मपुरी और खजुराहो देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। कई शहरों में तापमान 46 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया है।

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगमन के बाद ही लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिल सकेगी।

pithorawale
Author: pithorawale

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