Edition

सावन के प्रथम सोमवार पर महर्षि विद्या मंदिर मचेवा में शिव भक्ति और भारतीय संस्कृति की छटा, विद्यार्थियों ने दिया आस्था का संदेश 

सावन के प्रथम सोमवार पर महर्षि विद्या मंदिर मचेवा में शिव भक्ति और भारतीय संस्कृति की छटा, विद्यार्थियों ने दिया आस्था का संदेश 

महासमुंद। सावन के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर मर्दाशि विद्या मंदिर, मधेवा, महासमुंद में भगवान शिव की आराधना एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य आर. के. तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व विद्यालय परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

 

प्रातःकालीन प्रार्थना सभा की शुरुआत भगवान शिव की मनोमुग्ध स्तुति से हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने भगवान शिव, माता पार्वती एवं कार्तिकेय का आकर्षक स्वरूप धारण कर सावन माह के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने बताया कि सावन का महीना भारतीय संस्कृति में आस्था, प्रकृति संरक्षण, संयम, भक्ति तथा पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रम में विद्यालय द्वारा तैयार किए गए आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से भी सावन माह के महत्व को प्रदर्शित किया गया। इन पोस्टरों ने विशेष रूप से छोटे बच्चों में भारतीय संस्कृति, परम्पराओं और धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। कक्षा 11 की छात्राओं नेत्री साहू एवं निधि निषाद ने अपनी उत्कृष्ट चित्रकारी और पोस्टर निर्माण से सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं कक्षा 11 की छात्रा तिथि देवांगन ने सावन के महत्व पर प्रेरणादायक भाषण देकर उपस्थित विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया।

 

विद्यालय की सांस्कृतिक समिति द्वारा तैयार की गई आकर्षक नृत्य-नाट्य प्रस्तुति भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। भाविभवतीन के प्रभारी संचालन आकर्षक केप्टन अवतार सोनी ने किया, जबकि छात्र संघ एवं सभी नेवजारी विद्यार्थियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

इस अवसर पर प्राचार्य आर. के. तिवारी ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा उन आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, नैतिकता और भारतीय विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।

विज्ञापन

 

 

 

 

Pithora wale
Author: Pithora wale

..

विज्ञापन

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!