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गांव-गांव ‘रामपाल साहित्य’ बांटने पहुंचे अनुयायी, हिंदू संगठनों ने घेरा; ग्राम सपोस में सपोस में हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी धार्मिक साहित्य वितरण को लेकर विवाद, दोनों पक्ष पहुंचे थाने; पुलिस ने शुरू की जांच

गांव-गांव ‘रामपाल साहित्य’ बांटने पहुंचे अनुयायी, हिंदू संगठनों ने घेरा; ग्राम सपोस में सपोस में हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी धार्मिक साहित्य वितरण को लेकर विवाद, दोनों पक्ष पहुंचे थाने; पुलिस ने शुरू की जांच

पिथौरा |

श्रावण मास के दौरान गांव-गांव में धार्मिक साहित्य वितरण को लेकर 2 अगस्त 2026, रविवार को ग्राम सपोस में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। संत रामपाल के अनुयायियों द्वारा घर-घर जाकर साहित्य बांटे जाने की सूचना मिलने पर सर्व हिंदू समाज और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और इसका विरोध करते हुए पुस्तक वितरण रुकवा दिया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस और गहमागहमी हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे कार्यकर्ता

जानकारी के अनुसार बजरंग दल के पदाधिकारी कमलेश डड़सेना को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ग्राम सपोस में संत रामपाल की विचारधारा से संबंधित पुस्तकें बांट रहे हैं। सूचना मिलते ही वे सर्व हिंदू समाज के स्थानीय प्रतिनिधियों तथा गौ सेवक, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे।

इस दौरान कमलेश डड़सेना ने कहा,

“गांवों में इस तरह भ्रामक साहित्य बांटकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जो सीधे हमारी आस्था पर हमला है। हम इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

मेमरा आश्रम से प्रचार-प्रसार का लगाया आरोप

सर्व हिंदू समाज और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्राम मेमरा स्थित संत रामपाल के अनुयायियों के आश्रम में प्रत्येक रविवार को बड़ी संख्या में अनुयायी एकत्रित होते हैं। उनका आरोप है कि यहीं से योजना बनाकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकों का वितरण और प्रचार-प्रसार किया जाता है।

संगठन के गीतेश पंडा ने कहा,

“इन पुस्तकों में सनातन धर्म, हिंदू देवी-देवताओं, धर्मगुरुओं और मूर्ति पूजा के संबंध में आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। इस प्रकार की सामग्री से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और गांव का सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है।”

112 पर सूचना, थाने में सौंपी गई लिखित शिकायत

विवाद बढ़ने पर डायल-112 को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और संत रामपाल के अनुयायियों को आगे की कार्रवाई के लिए पिथौरा थाना आने के निर्देश दिए।

इसके बाद सर्व हिंदू समाज और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने थाना पिथौरा में लिखित शिकायत सौंपकर मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने प्रशासन से भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की है।

इस पूरे घटनाक्रम में प्रमुख रूप से कमलेश डड़सेना, गीतेश पंडा, अभिषेक दास, राजकुमार अग्रवाल, बलराज नायडू, रमेश श्रीवास्तव, राजा अग्रवाल एवं दुर्गेश यादव सहित बजरंग दल और हिंदू परिषद के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस का पक्ष

थाना प्रभारी पिथौरा ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुस्तकों की सामग्री की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल संत रामपाल के अनुयायियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

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pithorawale
Author: pithorawale

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