
पिथौरा। भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान ‘गौ माता’ के संरक्षण, सुरक्षा और सम्मान के लिए एक विशाल जन-आंदोलन ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत में गौवंश को उचित सम्मान दिलाना और उनके संरक्षण के लिए कड़े कानून बनवाना है।
27 अप्रैल 2026: संकल्प से सिद्धि का दिन
अभियान के तहत 27 अप्रैल 2026 को पूरे देश में ‘गो सम्मान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन देश की 5000 से अधिक तहसीलों में गौ-भक्त और आम नागरिक एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाएंगे।
अभियान की मुख्य माँगें:
• राष्ट्रीय माता का दर्जा: गौमाता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाए।
• कठोर कानून: गौ-हत्यारों और तस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कारावास जैसे कड़े दंड का प्रावधान हो।
• गौ-शालाओं का सशक्तिकरण: हर ग्राम पंचायत में नंदीशाला की स्थापना हो और गौशालाओं को ‘मनरेगा’ योजना से जोड़ा जाए।
• गौ-चिकित्सा: जिला स्तर पर पंचगव्य चिकित्सालयों की स्थापना और राजमार्गों पर घायल गौवंश के लिए ‘गौ वाहिनी एम्बुलेंस’ की सुविधा।
अभियान की रूपरेखा: शांतिपूर्ण और वैचारिक क्रांति
तस्वीरों में जारी ‘गो सम्मान आह्वान शपथ’ के अनुसार, यह पूरी तरह से एक अहिंसक और शांतिपूर्ण अभियान है। कार्यकर्ताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं:
1. स्वैच्छिक सहभागिता: इस अभियान में किसी भी प्रकार का चंदा या दान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
2. सांकेतिक उपस्थिति: 27 अप्रैल को सुबह 10 बजे तहसील या ब्लॉक कार्यालय जाकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
3. डिजिटल समर्थन: दोपहर 12 से 1 बजे के बीच प्रधानमंत्री जी को टैग करते हुए सामूहिक Tweet किया जाएगा।
4. निस्वार्थ सेवा: इस अभियान में किसी भी राजनैतिक दल या व्यक्ति का फोटो-बैनर इस्तेमाल नहीं होगा, केवल गौमाता और नंदी महाराज के चित्र का ही प्रयोग किया जाएगा।
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
यदि प्रथम चरण (27 अप्रैल) में मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो अभियान के अगले चरणों की भी घोषणा कर दी गई है:
• द्वितीय प्रयास: 27 जुलाई 2026 (जिला केंद्र पर)
• तृतीय प्रयास: 27 अक्टूबर 2026 (राज्य की राजधानी में)
• अंतिम चरण: 27 फरवरी 2027 से दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना।

अपील: ‘पिथौरा’ समेत देश के सभी जागरूक नागरिक इस अभियान से जुड़कर गौ-सेवा और गौ-सुरक्षा के इस महाकुंभ में अपना योगदान दें।










