पिथौरा में थमा रामनवमी का उत्साह: 2018 की वो शुरुआत और 2026 का ये सन्नाटा; आखिर कहाँ खो गए वो ‘रामभक्त’ और वो भव्य रैलियां?

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पिथौरा (महासमुंद):

महासमुंद जिले की हृदयस्थली और व्यापारिक नगरी पिथौरा में आज रामनवमी के अवसर पर वो गूँज सुनाई नहीं दे रही है, जिसकी आदत यहाँ की जनता को पिछले कुछ वर्षों में हो गई थी। सड़कों पर भगवा ध्वजों का वो विशाल सैलाब, डीजे की धमक पर झूमते हज़ारों युवा और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से थर्राता आसमान… आज केवल यादों और पुराने डिजिटल फुटेज में सिमट कर रह गया है। 2026 की यह रामनवमी पिथौरा के इतिहास में एक ‘मौन सवाल’ छोड़ गई है।

एक दशक का सफर:

पिथौरा में रामनवमी की भव्यता का सफर किसी फिल्म की पटकथा जैसा रहा है। यह सफर केवल रैलियों का नहीं, बल्कि युवाओं की एकजुटता का प्रतीक था।

साल 2018: उस ‘पहली मशाल’ का आगाज

इस गौरवशाली परंपरा की नींव साल 2018 में रखी गई थी। उस समय स्वप्निल तिवारी भैया के कुशल मार्गदर्शन में युवाओं की एक छोटी सी टोली विक्की गुप्ता, रामगोपाल पाण्डेय(राहुल), श्रेयक तिवारी(गोपी), यश बंसल, स्वतंत्र पाण्डेय, कुणाल रोहिल्ला, स्व. देव पटेल, सौरभ अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, ज्योतिष अग्रवाल, विकास शर्मा, सचिन अग्रवाल, वतन डड़सेना ने नगर में शोभायात्रा निकालने का बीड़ा उठाया था। सीमित संसाधन थे, लेकिन युवाओं की आँखों में अपनी संस्कृति के प्रति एक चमक थी।

साल 2019: बाइक रैली ने रचा था इतिहास

2018 की सफलता के बाद 2019 में पिथौरा ने वो मंजर देखा जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया। एक विशाल ‘बाइक रैली’ का आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों की संख्या में बाइक सवार युवाओं ने नगर भ्रमण किया। यह रैली इतनी भावुक और प्रभावशाली थी कि आज भी लोग इसकी चर्चा करते हैं।

2023-2025: भव्यता का ‘स्वर्ण युग’

साल 2023 में कमान संभाली सुप्रसिद्ध समाजसेवी आकाश अग्रवाल जी ने। 2023 से लेकर 2025 तक पिथौरा ने रामनवमी की वो भव्यता देखी जो शायद बड़े महानगरों के लिए भी सपना हो।

• कलाकारों का जमावड़ा: बाहर से बुलाए गए विशेष वाद्य यंत्र वादक।

• अनोखी झांकियां: भगवान राम के जीवन पर आधारित सजीव और भव्य झांकियां।

• मनोरंजन: विशाल डीजे और सांस्कृतिक कलाकारों की प्रस्तुतियां।

“आकाश बिन सब सून”

विगत कुछ वर्षों से नगर मे किसी भी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो समाजसेवी आकाश अग्रवाल का नाम न आए वो आयोजन के अधूरेपन को दर्शाता है।लगातार बोलबम काँवरिया यात्रा मे भव्य आयोजन हो या रामनवमी मे आकर्षक झाँकी जब तक इन आयोजन का नेतृत्व समाजसेवी आकाश अग्रवाल न करे तब तक आयोजन की भव्यता मे कमी ही महसूस नगरवासी और धर्म प्रेमी करते है। इस वर्ष के रामनवमी मे समाजसेवी आकाश अग्रवाल की कमी की चर्चा नगरवासी कर रहे है ज्ञात हो की अपने निजी पारिवारिक कारण से वो इस कार्यक्रम के आयोजन पर अपना समय नही दे पाये यही कारण है नगरवासी इस बार रामनवमी का उत्साह और झांकी देखने से वंचित रहे। समजासेवी आकाश अग्रवाल के नेतृत्व मे जब जब रामनवमी का आयोजन हुआ उसकी गूंज हमेशा पूरे नगर और ज़िले मे चर्चा का विषय ही रहा है। इस बार रामनवमी मे सभी उत्साही धर्म प्रेमी मे इस आयोजन की कमी को महसूस की है।

 

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Prashant Pandey
Author: Prashant Pandey

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