
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वह ईरान के मौजूदा हालातों की आड़ में किसी भी तरह की नापाक हिमाकत करने की गलती न करे। तिरुवनंतपुरम में आयोजित ‘सैनिक सम्मान सम्मेलन’ के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की नीति अब आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और हम घर में घुसकर मारना जानते हैं।
22 मिनट में पाकिस्तान को दिखा दी थी औकात
रक्षा मंत्री ने हालिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए बताया कि पहलगाम की घटना के बाद भारतीय सेना ने महज 22 मिनट के भीतर पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। उन्होंने कहा, “यह आतंकवाद के विरुद्ध सैन्य इतिहास का सबसे बड़ा प्रहार था और यह अभियान अभी थमा नहीं है। अगर सरहद पार से कोई भी गलत हरकत हुई, तो उसका जवाब पहले से कहीं ज्यादा अभूतपूर्व और घातक होगा।”
2047 तक दुनिया की सबसे ताकतवर होगी भारतीय नौसेना
राजनाथ सिंह ने भारत की समुद्री शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य 2047 तक भारतीय नेवी को दुनिया की नंबर एक शक्ति बनाना है। उन्होंने बताया कि भारत अब शिपबिल्डिंग के मामले में वैश्विक शक्तियों को टक्कर दे रहा है। कोचीन शिपयार्ड में तैयार हुआ स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर इसका जीता जागता सबूत है। उनके अनुसार, समुद्री क्षेत्र अब केवल व्यापारिक मार्ग नहीं बल्कि देश की आर्थिक और रणनीतिक स्वायत्तता की रीढ़ है।
पूर्व सैनिकों का सम्मान और कांग्रेस पर निशाना
सैनिकों और पूर्व सैनिकों को राष्ट्र का स्तंभ बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘वन रैंक वन पेंशन’ (ORP) को हमारी सरकार ने पूरी ईमानदारी से लागू किया। इस दौरान उन्होंने मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के बलिदान को याद किया और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उस समय उनके बलिदान को वह सम्मान नहीं दिया गया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने बताया कि देशभर में वॉर मेमोरियल बनाकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया जा रहा है।











