
नई दिल्ली/महासमुंद: महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने दिल्ली के सदन में क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को बेहद मजबूती के साथ रखा। उन्होंने आरंग से लेकर पिथौरा, बसना और सरायपाली होते हुए ओडिशा के बरगढ़ एवं संबलपुर तक नई रेललाइन के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष विस्तार से प्रस्तुत किया।
35 वर्षों की प्रतीक्षा और जनता का संघर्ष
सांसद चौधरी ने सदन को जानकारी दी कि छत्तीसगढ़-ओडिशा संघर्ष समिति इस रेलमार्ग के लिए पिछले 35 वर्षों से निरंतर आंदोलन और प्रयास कर रही है। यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों की भावनाओं और उम्मीदों से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि इस लंबी प्रतीक्षा को समाप्त कर धरातल पर काम शुरू किया जाए।
आर्थिक और कृषि विकास का बनेगा नया कॉरिडोर
इस रेललाइन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सांसद ने कहा कि:
• किसानों को लाभ: महासमुंद का यह अंचल धान, दलहन और सब्जियों के उत्पादन में अग्रणी है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से किसानों की पहुंच सीधे बड़े बाजारों तक होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
• व्यापारिक कनेक्टिविटी: यह रेल मार्ग छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक सेतु का कार्य करेगा, जिससे दोनों राज्यों के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी।
• रोजगार के अवसर: नई लाइन बिछने से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
मानवीय दृष्टिकोण से निर्णय लेने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास नीति का हवाला देते हुए सांसद ने रेल मंत्रालय से विशेष आग्रह किया कि इस परियोजना को महज लाभ-हानि के गणित से न देखा जाए। इसे मानवीय और क्षेत्रीय विकास की आवश्यकता मानते हुए प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने मांग की कि इस मार्ग का अविलंब सर्वेक्षण पूरा कराया जाए और निर्माण कार्य के लिए एक निश्चित समय सीमा (Time-line) तय की जाए।
सूचना:- मनमीत सिंह छाबड़ा रिक्की(सांसद प्रतिनिधि) महासमुंद











