
कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का शंखनाद करते हुए भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया है। गुरुवार को दक्षिण कोलकाता के हाजरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि समूचे बंगाल में ‘परिवर्तन’ की चाबी भवानीपुर की जनता के पास है। उन्होंने दावा किया कि यहाँ के मतदाता ही राज्य के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज पर घेरा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल आज भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज और घुसपैठ की समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इन वजहों से राज्य की गरिमा और पहचान संकट में है। शाह ने भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के समर्थन में वोट मांगते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने आज ही अपना नामांकन दाखिल किया है, जिसमें अमित शाह खुद मौजूद रहे।
चुनावी माहौल और रोड शो
भवानीपुर में मुकाबला बेहद दिलचस्प है क्योंकि यहाँ से स्वयं ममता बनर्जी मैदान में हैं। शाह के साथ भाजपा के अन्य दिग्गज उम्मीदवार जैसे स्वपन दासगुप्ता (रासबिहारी), सतरूपा बोस (बालीगंज) और संतोष पाठक (चौरंगी) ने एक संयुक्त रोड शो में हिस्सा लिया। इस दौरान भाजपा और तृणमूल समर्थकों के बीच नारेबाजी से माहौल काफी गर्माया रहा। सड़कों पर एक तरफ ‘जय श्री राम’ तो दूसरी तरफ ‘जय बांग्ला’ के नारे सुनाई दिए।
महान विभूतियों के सपनों का बंगाल
अमित शाह ने विकास का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि जिस तरह 2014 के बाद देश के अन्य राज्यों ने तरक्की की है, वैसी ही प्रगति अब बंगाल में भी जरूरी है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरुषों के सपनों के बंगाल को फिर से जीवित करने का आह्वान किया। शाह ने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता हिंसा, बेरोजगारी और महिला असुरक्षा से मुक्ति चाहती है।
कड़ा संदेश और रणनीतिक दांव
पत्रकारों से बात करते हुए शाह ने साफ किया कि किसी भी मतदाता को डराया नहीं जा सकता और भाजपा लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ममता बनर्जी की पिछली हार का जिक्र करते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में उन्हें मात दी थी और इस बार भी उन्हें उनके ही गढ़ में चुनौती दी जा रही है। शाह ने अंत में कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के शासन को जड़ से खत्म करना है।











