
रायपुर: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का राजनीतिक कद राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की होने वाली जनसभाओं और कार्यक्रमों के समन्वय (Coordination) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
संगठन में बढ़ा कद
गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी माहौल बनाने और जनसभाएं करने का निर्णय लिया है। भवानीपुर में एक रोड शो के दौरान शाह ने स्पष्ट किया कि वे बंगाल में पार्टी की जड़ों को मजबूत करने के लिए सक्रिय रहेंगे। इसी रणनीति के तहत, विजय शर्मा को चार अन्य राज्यों के प्रमुख नेताओं के साथ मिलकर इन आयोजनों को सफल बनाने का जिम्मा दिया गया है।
बस्तर में सक्रियता का मिला फल
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय शर्मा को यह बड़ी जिम्मेदारी उनके बस्तर क्षेत्र में किए गए साहसिक कार्यों के कारण मिली है। विशेषकर नक्सलवाद के खिलाफ उनके कड़े रुख और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की क्षमता ने दिल्ली के नेतृत्व को प्रभावित किया है। अब उनकी संगठनात्मक कुशलता का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में किया जा रहा है।
विपक्ष पर निशाना और विकास का दावा
इस दौरान विजय शर्मा ने बस्तर के विकास पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार बस्तर की प्रगति के लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त फंड मुहैया करा रही है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को नक्सलवाद के खात्मे और क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलावों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बस्तर की बदलती तस्वीर को पचा नहीं पा रहे हैं।
यह नई जिम्मेदारी विजय शर्मा के राजनीतिक भविष्य के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में छत्तीसगढ़ की भागीदारी और भी मजबूत होगी।











