
पिथौरा: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पिथौरा जनपद ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जनपद की 82 ग्राम पंचायतों को आधिकारिक तौर पर ‘टीबी मुक्त’ घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में जनपद पंचायत सभागार में एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को सम्मानित किया गया।
सम्मान और उपलब्धियां
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष श्रीमती ऊषा पुरुषोत्तम धृतलहरे रहीं, जबकि अध्यक्षता उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने की। इस अवसर पर पिथौरा की 60 पंचायतों को सिल्वर मेडल और 21 पंचायतों को ब्रोंज मेडल के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। महासमुंद जिले में जनपद स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में पदक जीतना अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
आधुनिक तकनीक का शुभारंभ
स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में ‘हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्सरे’ मशीन का लोकार्पण भी किया गया। इसका पहला डेमो धनोरा सरपंच गिरीश पटेल के टेस्ट के साथ किया गया। अब यह मशीन गांव-गांव जाकर टीबी की संभावित जांच को आसान बनाएगी।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का संबोधन

• ऊषा पुरुषोत्तम धृतलहरे (जनपद अध्यक्ष): उन्होंने इस सफलता का श्रेय जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया और कहा कि सबकी एकजुटता से ही हम जिले में प्रथम स्थान पर हैं।
• ब्रह्मानंद पटेल (जनपद उपाध्यक्ष): उन्होंने कहा कि पंचायत राज प्रणाली में जनसहभागिता ही किसी भी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति का आधार है।
• पुरुषोत्तम धृतलहरे (जनपद सदस्य): उन्होंने उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सिल्वर मेडल के बाद अब हमारा अगला लक्ष्य ‘स्वर्ण पदक’ जीतना है।
• योगेश्वरी बर्मन (जनपद सीईओ): उन्होंने टीबी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और सरकार की ‘निक्षय मित्र’ व ‘निक्षय पोषण’ जैसी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा अग्रवाल ने किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।











