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कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने ली समय-सीमा की बैठक: 1 जून से अनिवार्य होगी ई-फाइल प्रणाली, पराली जलाने और अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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महासमुंद । शासन के दिशा-निर्देशों के तहत आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए समय-सीमा की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने शासन की विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा और श्री रवि साहू कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उपस्थित रहे, जबकि जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ और सीएमओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

डिजिटल उपस्थिति और ई-फाइल सिस्टम पर जोर

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन भी सरकारी दफ्तरों में अब तक यह सिस्टम शुरू नहीं हुआ है, वहां इसे तत्काल प्रभाव से अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि आगामी 1 जून से जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में ई-फाइल प्रणाली पूरी तरह अनिवार्य कर दी जाएगी। सभी अधिकारियों को समय रहते इसकी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सरकारी कार्यों में तेजी लाई जा सके।

पराली जलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

खेतों में पराली (धान का अवशेष) जलाने की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कहा कि इससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है, बल्कि आगजनी की बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों, एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे ऐसी घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करें। गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी करवाकर किसानों को जागरूक करने का अभियान भी निरंतर जारी रखने को कहा गया है।

सुशासन तिहार और खाद कालाबाजारी पर नकेल

बैठक में जानकारी दी गई कि ‘सुशासन तिहार’ के तहत अब तक लगाए गए 31 शिविरों में कुल 22 हजार 648 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 11 हजार 723 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया है। कलेक्टर ने शेष लंबित आवेदनों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक निपटाने की बात कही।

इसके अलावा, आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद की दुकानों के भौतिक सत्यापन के आदेश दिए गए हैं। कलेक्टर ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि स्टॉक में कोई गड़बड़ी, धांधली या कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित दुकान को तुरंत सीज किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और हर हाल में पीओएस (POS) मशीन के जरिए ही वितरण सुनिश्चित हो। साथ ही, पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराने और आगामी मानूसन को देखते हुए राशन दुकानों में अगले तीन महीनों का खाद्यान्न अग्रिम भंडारण करने के निर्देश भी दिए गए।

जल संरक्षण और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा

जल संवर्धन के लिए जिले में चल रहे ‘मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0’ की प्रगति की सराहना करते हुए बताया गया कि अब तक जल संचयन के लिए 74 हजार ढांचों का निर्माण किया जा चुका है। कलेक्टर ने इस मुहिम में जनभागीदारी बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक सोखता गड्ढे, डबरी और तालाब बनाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा बैठक में निम्नलिखित निर्देश भी दिए गए:

पीएम आवास योजना: वर्ष 2024, 2025 और 2026 के जितने भी आवास अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ कराया जाए।

अवैध रेत उत्खनन: जिले में रेत के अवैध परिवहन और खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए टास्क फोर्स (संयुक्त टीम) को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए।

 निरीक्षण: अधिकारियों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों का औचक निरीक्षण करने को कहा गया।

 जनशिकायतें: पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, मुख्यमंत्री की घोषणाओं और कलेक्टर जनदर्शन में आए लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई।

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Author: pithorawale

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