
बागबाहरा (पिथौरा): चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर समूचा अंचल देवी की भक्ति में सराबोर है। इसी कड़ी में पंचमी के विशेष अवसर पर खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के बागबाहरा स्थित ‘तंत्रोक्त सिद्ध घुंचापाली चंडी माता मंदिर’ में श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जो माता के एक दर्शन की प्रतीक्षा में घंटों खड़े रहे।

अनवरत भंडारा और ज्योति कलश

मंदिर परिसर में इस वर्ष भी हजारों की संख्या में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं। भक्तों की आस्था का आलम यह है कि दूर-दराज से लोग माता के दरबार में मत्था टेकने पहुँच रहे हैं। समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की गई है, जो बिना रुके अनवरत जारी है। प्रशासन और मंदिर समिति के तालमेल से इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित नजर आई।

मंदिर की प्राचीनता और मान्यता
घुंचापाली स्थित चंडी माता मंदिर अपनी प्राचीनता और अद्भुत चमत्कारों के लिए विश्व विख्यात है। लोक मान्यताओं के अनुसार:
• स्वयंभू प्रतिमा: यहाँ माता की विशाल प्रतिमा प्राकृतिक रूप से प्रकट हुई है, जिसका आकार समय के साथ बढ़ने की मान्यता है।

• भालुओं की अनूठी भक्ति: इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ आने वाले ‘भालू’ हैं। बताया जाता है कि दशकों से भालुओं का एक दल रोज़ शाम को आरती के समय यहाँ आता है, माता की परिक्रमा करता है और प्रसाद लेकर बिना किसी को नुकसान पहुँचाए वापस जंगलों में चला जाता है। यह दृश्य विज्ञान के लिए आज भी एक कौतूहल का विषय है।

• तंत्र साधना का केंद्र: इस मंदिर को तंत्रोक्त सिद्ध पीठ माना जाता है, जहाँ नवरात्रि के दौरान की गई साधना विशेष फलदायी होती है।

समिति की अपील
- मंदिर ट्रस्ट समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कतारबद्ध होकर दर्शन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। चैत्र नवरात्रि के समापन तक यहाँ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और सेवा कार्य जारी रहेंगे।












