नेशनल लोक अदालत का आयोजन, अनेक प्रकरणों का हुआ निराकरण
सरायपाली । आज दिनांक 13 सितंबर 2026, दिन शनिवार को न्यायालय सरायपाली में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।इस लोक अदालत हेतु कुल 04 खण्डपीठों का गठन किया गया था। इन खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं अन्य देयकों के अवशेष बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण, राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा-138 के अधीन परिवाद, मोटर दुर्घटना दावा (MACT) संबंधी मामले, विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135(क) के तहत विद्युत चोरी के मामले एवं अन्य सिविल मामले सुनवाई हेतु रखे गये थे।
*खण्डपीठवार निराकरण का विवरण :-*
*1. खण्डपीठ क्रमांक 01 – श्रीमती वंदना दीपक देवांगन, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सरायपाली*
– विद्युत विभाग के प्री-लिटिगेशन के 140 प्रकरणों में – राशि *28,69,000/- रुपये*
– मोटर दुर्घटना दावा के 02 प्रकरणों में – राशि *26,00,000/- रुपये*
– अन्य सिविल के 05 प्रकरणों में – राशि *9,52,089/- रुपये*
*2. खण्डपीठ क्रमांक 02 – श्री पंकज आलोक तिर्की, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सरायपाली*
– MACT के 05 प्रकरणों में – राशि *31,25,000/- रुपये*
– ट्रांसफर डिक्री के 02 प्रकरणों में – राशि *7,44,223/- रुपये*
– BSNL प्री-लिटिगेशन के 03 प्रकरणों में – राशि *3,090/- रुपये*
*3. खण्डपीठ क्रमांक 03 – श्री वैभव घृतलहरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरायपाली*
– धारा 138 एन.आई. एक्ट के 05 प्रकरणों में – राशि *11,27,897/- रुपये*
– समरी के 439 प्रकरणों में – राशि *48,900/- रुपये*
*4. खण्डपीठ क्रमांक 04 – सुश्री कुमारी प्रगति गुर्दे, न्यायिक मजिस्ट्रेट सरायपाली*
– धारा 138 एन.आई. एक्ट के 02 प्रकरणों में – राशि *5,55,000/- रुपये*
– समरी के 210 प्रकरणों में – राशि *21,000/- रुपये*
*इस लोक अदालत में हुई एक नई पहल*
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती वंदना दीपक देवांगन के द्वारा बस संचालकों से चर्चा कर लोक अदालत में दूर-दराज से आने वाले पक्षकारों के लिए अपने प्रकरण का राजीनामा करने के लिए न्यायालय सरायपाली तक पहुचने हेतु निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई गई।साथ ही बाहर से आए पक्षकारों के लिए नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती चंद्र कुमार पटेल के द्वारा निःशुल्क भोजन व्यवस्था कराई गई।




















