भारती इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर
सरायपाली। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर 10 सितंबर 2026 को भारती इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आत्महत्या जैसी गंभीर समस्या की रोकथाम के लिए कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल कोर्ट सरायपाली श्रीमती वंदना देवांगन तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सरायपाली सुश्री प्रगति गुर्दे उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम मोखापुटका की सरपंच श्रीमती लोचन भावना पटेल एवं उड़ान दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विशेष आवासीय विद्यालय, सरायपाली की अधीक्षिका सुश्री उमा साहू सहित संस्था के दिव्यांग बालक-बालिकाओं ने सहभागिता की।
मुख्य अतिथि श्रीमती वंदना देवांगन ने कहा कि जीवन अनमोल है और किसी भी समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं हो सकता। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य एवं सहायता से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए जरूरत के समय उचित मार्गदर्शन और सहायता लेने की अपील की।
न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री प्रगति गुर्दे ने विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों के साथ ही मानसिक दबाव और कठिन परिस्थितियों से निपटने के कानूनी एवं व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री विश्वजीत गुप्ता, सचिव श्री राजेश मित्तल एवं समिति कार्यकारिणी सदस्य श्री देवेन्द्र शर्मा (विशेष लोक अभियोजक, NDPS) उपस्थित रहे। अध्यक्ष श्री विश्वजीत गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज में आशा, संवेदनशीलता और सकारात्मकता का संदेश पहुंचाएं।
कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट के प्राचार्य, समस्त शिक्षक-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में प्राचार्य ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।




















