तोषगांव में नुआखाई पर्व पर सामूहिक नवान्न भक्षण, 265 सदस्य होंगे शामिल
सरायपाली। छत्तीसगढ़ के उड़ीसा सीमांत क्षेत्र फुलझर अंचल में नुआखाई पर्व का विशेष सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व है। सरायपाली, बसना और पिथौरा सहित क्षेत्र में लोग जगन्नाथ संस्कृति एवं कृषक परंपरा के अनुरूप नवान्न भक्षण का पर्व श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं। इसी परंपरा के तहत तोषगांव में ब्राह्मण समाज द्वारा विगत कई वर्षों से सामूहिक नवान्न भक्षण, पूजन एवं उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सतपथी, पंडा, पाणिग्राही, दास एवं कर उपनाम वाले ब्राह्मण परिवार एकजुट होकर सहभागी होते हैं।
इस वर्ष भी तोषगांव के ब्राह्मण परिवार सामूहिक नवान्न भक्षण को लेकर उत्साहित हैं। करीब 265 सदस्यों के एक साथ नवान्न भक्षण का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। परंपरा के अनुसार पूजन के बाद समाज में आयु एवं वरिष्ठता में सबसे बड़े सदस्य के हाथों नवान्न का प्रसाद ग्रहण किया जाता है।आयोजकों ने अंचल के सभी जाति एवं समुदाय के परिवारों से नुआखाई पर्व को परिवार मिलन, सामाजिक एकता और भाईचारे के उत्सव के रूप में मनाने की अपील की है। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों के साथ नवान्न भक्षण एवं पूजन में सहभागी बनने का आग्रह किया।nइस अवसर पर आधार गाइड किशोर प्रदीप सतपथी ने नुआखाई पर्व मनाने वाले सभी भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति, समृद्धि एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की।
उन्होंने पर्व के दौरान लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी और दूसरों की जिंदगी की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यातायात नियमों का पालन करें और परिवार के साथ सुरक्षित एवं खुशहाल तरीके से पर्व मनाएं।




















