गड्ढों में धंसा भाजपा का विकास मॉडल – डॉ रश्मि चंद्राकर
महासमुंद। प्रदेश सहित महासमुंद जिले की बदहाल और जर्जर सड़कों को लेकर महासमुंद कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के विकास के दावे जमीन पर नहीं, बल्कि सिर्फ विज्ञापनों और भाषणों में दिखाई दे रहे हैं। महासमुंद की सड़कों की हालत सरकार के विकास मॉडल की असली तस्वीर जनता के सामने रख रही है।डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि जिले की अनेक सड़कें जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। सड़कें उखड़ रही हैं, बारिश में गड्ढों में पानी भर रहा है और धूल-मिट्टी के कारण राहगीरों का चलना तक मुश्किल हो गया है। सरकार की लापरवाही के कारण आम जनता अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है।
डॉ रश्मि चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा—भाजपा ने डबल इंजन सरकार का नारा देकर जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज वही जनता पूछ रही है कि डबल इंजन आखिर चला कहां? सड़कों पर विकास नहीं, गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। सरकार अगर अपने विकास के दावों पर इतनी ही गंभीर है तो वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर महासमुंद की सड़कों पर आकर जमीनी हकीकत देखे।”
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि खराब सड़कों का खामियाजा सबसे ज्यादा किसानों, मजदूरों, स्कूली बच्चों, मरीजों, महिलाओं, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में सड़क के गड्ढे पानी से ढंक जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। किसी बड़े हादसे के बाद सरकार जागे, उससे पहले सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं की जा रही है?
डॉ. रश्मि ने कहा कि “जनता के पैसों से सड़कें बनती हैं, किसी भाजपा नेता की निजी संपत्ति से नहीं। इसलिए जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सड़क निर्माण और मरम्मत पर कितना पैसा खर्च हुआ, काम की गुणवत्ता क्या रही और सड़कें इतनी जल्दी बदहाल क्यों हो गईं।”
डॉ रश्मि चंद्राकर ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा—
भाजपा सरकार को अब पोस्टर, प्रचार और प्रेस विज्ञापनों में विकास दिखाना बंद करके एक बार जनता की नजर से विकास देखना चाहिए। जिस सड़क पर गड्ढे हों, जिस रास्ते पर दुर्घटना का खतरा हो और जिस मार्ग से मरीज को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो, वहां विकास का दावा जनता के साथ मजाक से कम नहीं है।”
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने मांग की कि महासमुंद जिले सहित पूरे प्रदेश की जर्जर एवं क्षतिग्रस्त सड़कों का तत्काल सर्वे कराया जाए। बारिश से खराब हुई सड़कों की युद्धस्तर पर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए तथा जहां आवश्यक हो वहां पुनर्निर्माण कराया जाए।
डॉ रश्मि ने यह भी मांग की कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से समझौते, लापरवाही अथवा अनियमितता की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा जनता अब सरकार के जुमलों और विज्ञापनों से बहलने वाली नहीं है। जनता को जवाब चाहिए, अच्छी सड़क चाहिए और सुरक्षित आवागमन चाहिए। भाजपा सरकार को याद रखना चाहिए कि गड्ढों में सिर्फ सड़कें नहीं होतीं, बल्कि सरकार के विकास के दावे भी धंस जाते हैं।”





















