कटंगपाली गुरुकुल में विश्व कल्याण महायज्ञ, उपनयन और वेदारम्भ संस्कार संपन्न
सरायपाली। क्षेत्र के एकमात्र वैदिक गुरुकुल, स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल कटंगपाली में 28 अगस्त 2026 को श्रावणी उपाकर्म, ऋषि तर्पण एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर विश्व कल्याण महायज्ञ, नवप्रवेशी ब्रह्मचारियों का उपनयन-वेदारम्भ संस्कार और अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया।
यह गुरुकुल यज्ञपुरुष पूज्य स्वामी सुमेधानंद जी महाराज (चंबा, हिमाचल) की तपस्थली दयानंद मठ चंबा की उपशाखा महर्षि दयानंद मठ छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित है। कार्यक्रम पूज्य स्वामी रविन्द्र दास जी, आचार्य महावीर सिंह जी और पूजनीया माता सरस्वती देवी जी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
भारतीय वैदिक संस्कृति में श्रावणी उपाकर्म केवल परंपरा नहीं, बल्कि ऋषियों के प्रति कृतज्ञता, आत्मशुद्धि और वेदाध्ययन के पुनः शुभारम्भ का महान संस्कार पर्व है।
इस अवसर पर गुरुकुल के 28 बटुक ब्रह्मचारियों, आचार्यों, अभिभावकों और अंचल के गणमान्य नागरिकों सहित लगभग 145 श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से किशोर रथ (किसड़ी), भागीरथी प्रधान (जघलबेड़ा), आनंद भोई (आर्य समाज बड़े पंधी), महेन्द्र पसायत, विकास महापात्र, गुड्डू जायसवाल (गौरक्षा समूह बजरंगदल), संपत जाल, किशोर प्रधान, शंखनाद यादव (बलौदा), सरोज डडसेना (प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर) सहित कई लोग उपस्थित थे।
*अभिभावक बैठक में बड़ा निर्णय:* अभिभावकों ने मांग रखी कि गुरुकुल में अभी 8वीं तक कक्षाएं संचालित हो रही हैं, इसे आगे बढ़ाया जाए। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षण सत्र 2027-28 से कक्षा 9वीं और 10वीं प्रारंभ की जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन गुरुकुल संचालक ऋषिराज द्वारा किया गया और शांतिपाठ व सामूहिक प्रीतिभोज के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।





















